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पंजाब कांग्रेस इलेक्शन मैनेजमेंट एंड कोऑर्डिनेटर कमेटी के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला ने जानकारी दी है कि आगामी 4 नवंबर को होने वाली ‘इंसाफ रैली’ को लेकर पूरी पार्टी में खासा उत्साह है और पार्टी इस आयोजन के माध्यम से चुनाव का बिगुल फूंकेगी। इस रैली का मुख्य उद्देश्य पंजाब की चिंताओं को उठाना और न्याय की मांग करना है। सिंगला के अनुसार, कांग्रेस पार्टी एक ऐसी साफ-सुथरी, मजबूत और जवाबदेह सरकार के लिए जनादेश मांगेगी, जो युवाओं, महिलाओं, किसानों और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके और राज्य की प्रगति व विकास को फिर से पटरी पर ला सके। उन्होंने राहुल गांधी के पिछले दौरों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा युवाओं और राज्य के नागरिकों से जुड़े मुद्दों को उठाया है, जिसमें ड्रग्स की समस्या और बिगड़ती कानून-व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं। आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए सिंगला ने आरोप लगाया कि आप ने बड़े-बड़े वादों के जरिए जनता के भरोसे को तोड़ा है, और भ्रष्टाचार व ड्रग संकट के चलते शासन पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने दावा किया कि आप ने पंजाब को पुलिस राज्य में बदल दिया है और चुनाव आयोग द्वारा आचार संहिता लागू किए जाने के बाद पार्टी के भीतर के हाशिए पर पहुंचे नेता बगावत कर सकते हैं। इस बीच, हाल ही में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने नई दिल्ली में कांग्रेस संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपाल, पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह, पूर्व राज्य प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, विजय इंदर सिंगला और संगत सिंह गिलजियां से मुलाकात की। परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का प्रमुख नियुक्त किए जाने के बाद राज्य में यह कांग्रेस का पहला बड़ा कार्यक्रम होगा। यह रैली न केवल पार्टी के भीतर एकजुटता प्रदर्शन का माध्यम है, बल्कि परगट सिंह के नेतृत्व के लिए भी एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होगी।


















