नशे के सौदागरों को लेकर मंत्री हरजोत बैंस ने कह दी बड़ी बात, जाने सरकार क्या करने जा रही है बड़ा काम!

श्री आनंदपुर साहिब। राजवीर दीक्षित
(Punjab Intensifies War on Drugs with Public Support)पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी निर्णायक लड़ाई को और तेज करते हुए इसे जन आंदोलन का रूप दे दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही विशेष मुहिम अब आम लोगों की सक्रिय भागीदारी से पहले से कहीं अधिक प्रभावी साबित हो रही है। सरकार की इस रणनीति का स्पष्ट संदेश है—नशा तस्करों के लिए पंजाब में कोई जगह नहीं, जबकि नशे की चपेट में आए लोगों के लिए सहानुभूति, इलाज और पुनर्वास का पूरा रास्ता खुला है।

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इस अभियान के तहत नशा तस्करों को जेल भेजने के साथ-साथ उनकी गैर-कानूनी रूप से अर्जित संपत्तियों को भी नष्ट किया जा रहा है। प्रशासन की सख्ती से तस्करों में खलबली है, वहीं समाज में यह भरोसा मजबूत हुआ है कि सरकार नशे की जड़ों पर प्रहार कर रही है। खास बात यह है कि यह मुहिम केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण को भी समान रूप से महत्व दे रही है।

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कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की अगुवाई में विभिन्न गांवों और शहरी वार्डों में लगातार नशा विरोधी यात्राएं और जागरूकता कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर कस्बों तक लोगों को नशे के दुष्परिणामों और नशा मुक्त जीवन के लाभों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

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सरकार की नीति का दूसरा अहम पहलू ओट क्लीनिकों के माध्यम से नशा पीड़ितों को इलाज, काउंसलिंग और सामाजिक पुनर्वास उपलब्ध कराना है। इसका उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जीने के योग्य बनाना है। इन प्रयासों को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और बड़ी संख्या में युवा स्वेच्छा से इस मुहिम से जुड़ रहे हैं।

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हलका स्तर पर अभियान से जुड़े समन्वयकों का कहना है कि नशों के खिलाफ यह लड़ाई सरकार अकेले नहीं जीत सकती। आम नागरिकों की सहभागिता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। सामूहिक प्रयासों, सख्त कानून और मानवीय संवेदनशीलता के संतुलन के साथ पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में यह अभियान एक मजबूत और निर्णायक कदम माना जा रहा है।