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सरकारी फंड के बिना बना कमाल— रूपनगर में तैयार हुई दो-लेन सड़क,मर्जी से Toll सेवा का अनोखा उदाहरण

श्री आनंदपुर साहिब । राजवीर दीक्षित

(2-Lane Road Built with Kar Seva in Ropar)पंजाब के रोपड़ जिले में स्वैच्छिक सेवा की ऐसी मिसाल देखने को मिली है, जिसने सरकारी विकास मॉडल को भी पीछे छोड़ दिया है। कानपुर खूही और सिंहपुर के बीच प्रस्तावित चार-लेन सड़क के दो लेन हिस्से का निर्माण बिना किसी सरकारी फंड के कर लिया गया है। यह कार्य गुरबाणी की प्रेरणा, सामूहिक सहयोग और कर सेवा की भावना का जीवंत उदाहरण है।

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इस परियोजना की अगुवाई कर सेवा जत्था किला आनंदगढ़ साहिब के प्रमुख बाबा सतनाम सिंह कर रहे हैं। नंगे पैर सड़क का निरीक्षण करते हुए वे बताते हैं कि यह वही मार्ग है, जो कभी कच्चा और ऊबड़-खाबड़ था। लेकिन अब आनंदपुर साहिब–गढ़शंकर राज्य राजमार्ग का 8 किमी हिस्सा चौड़ा, समतल और पूरी तरह मोटरेबल बन चुका है, ताकि अगले सप्ताह होने जा रही गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी वर्षगांठ पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा मिल सके।

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करीब 1 साल 9 महीने पहले शुरू हुई इस सेवा में स्थानीय लोगों ने श्रम, सामग्री और यहां तक कि निजी भूमि तक दान देकर योगदान दिया। कई ग्रामीणों ने सड़क चौड़ी करने के लिए अपनी ज़मीन स्वेच्छा से दे दी, क्योंकि लंबे समय से तख्त श्री केसरगढ़ साहिब, माता नैना देवी मंदिर और कीरतपुर साहिब तक बेहतर संपर्क की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
दफ्तरशाही की बाधाओं और विभागीय नोटिसों के बावजूद काम रुका नहीं। स्थानीय MLA और मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी इस प्रयास को समर्थन दिया। जत्था अब अधिग्रहित भूमि का पंजीकृत मूल्य का चार गुना मुआवज़ा देने की योजना बना रहा है।

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इस परियोजना की अनोखी पहचान है “सेवा टोल”, जहां यात्री अपनी इच्छा से दान देते हैं और बदले में उन्हें लंगर और चाय दी जाती है। आगे सड़क के दोनों ओर विरासत वृक्षों का रोपण, ऐतिहासिक कुएं का संरक्षण और एक सांस्कृतिक संग्रहालय बनाने की योजना भी शामिल है।
रोपड़ की यह सड़क सिर्फ़ मार्ग नहीं—यह सामूहिक सेवा, समर्पण और समाज की शक्ति का प्रतीक बन चुकी है।

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