चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Golden Temple Beadbi Attempt”) अमृतसर के श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) परिसर स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह में एक बार फिर बेअदबी की कोशिश का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक 35 वर्षीय युवक ने पहले गुरुद्वारे में माथा टेका और परिक्रमा की। इसके बाद वह उस स्थान के पास पहुंचा, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ के दौरान एक तलवार रखी गई थी। युवक ने अचानक तलवार उठाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद सतर्क सेवादारों ने तुरंत उसे काबू कर लिया और किसी भी बड़ी घटना को होने से रोक दिया।
घटना के बाद युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपी की पहचान व उसके पीछे की मंशा का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने और सिख संस्थाओं को बदनाम करने की साजिश बताया है।
धामी ने कहा कि प्रशासन को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए और यह पता लगाना चाहिए कि आरोपी अकेला था या उसके पीछे कोई संगठित समूह काम कर रहा था। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि साजिश रचने वालों तक भी पहुंचना जरूरी है।
SGPC अध्यक्ष ने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी हरिमंदिर साहिब में बेअदबी की कोशिशों के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन कई घटनाओं के पीछे की सच्चाई अब तक पूरी तरह उजागर नहीं हो सकी है। उन्होंने सरकार से सिख भावनाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और पूरे मामले की जांच जारी है। इस घटना के बाद संगत में रोष और चिंता का माहौल देखा जा रहा है।



















