उद्योगपतियों, राजनेताओं, धर्मगुरुओं और सामाजिक हस्तियों ने अर्पित किए श्रद्धासुमन; धूमल, शांता कुमार, मुकेश अग्निहोत्री और अनुराग ठाकुर ने जताया शोक
ऊना l ममता भनोट
ऊना/नई दिल्ली। प्रसिद्ध उद्योगपति, दानवीर एवं बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य डॉ. महिंद्र शर्मा की दिवंगत माता श्रीमती संतोष शर्मा की स्मृति में नई दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इस दौरान माहौल भावुक हो गया और उपस्थित लोगों ने नम आंखों से दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
रविवार को दोपहर 3 से 4 बजे तक आयोजित प्रार्थना सभा में हिमाचल प्रदेश, ऊना और दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से उद्योगपति, राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, धर्मगुरु और समाज की प्रतिष्ठित हस्तियां पहुंचीं। सभी ने श्रीमती संतोष शर्मा के चित्र के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किए। वैदिक मंत्रोच्चारण और भजन-कीर्तन के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
संस्कारों और सेवा की विरासत छोड़ गईं संतोष शर्मा
श्रीमती संतोष शर्मा प्रसिद्ध समाजसेवी स्वर्गीय पंडित तमन्ना साहब शर्मा की धर्मपत्नी थीं। परिवार की पहचान उद्योग जगत के साथ-साथ सामाजिक सेवा, धार्मिक आस्था और जनकल्याण से जुड़े कार्यों के लिए भी रही है। संतोष शर्मा ने अपने परिवार को सेवा, समर्पण और मानवीय मूल्यों के जो संस्कार दिए, वे आज भी परिवार की परंपरा में दिखाई देते हैं।
उनके निधन से परिवार ने स्नेह और मार्गदर्शन देने वाली अपनी छाया खो दी है। प्रार्थना सभा में परिवार के सदस्यों ने भावुक मन से उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस कठिन समय में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने परिवार को सांत्वना और संबल प्रदान किया।
श्रीमती संतोष शर्मा के तीन पुत्र—डॉ. महिंद्र शर्मा, अश्विनी शर्मा और राजेश शर्मा तथा तीन बेटियां—सरोज भारद्वाज, वैशाली बाली और नितिका शर्मा हैं।
ऊना से रहा विशेष लगाव, सामाजिक कार्यों में परिवार का योगदान
श्रीमती संतोष शर्मा का पैतृक गांव बड़ेड़ा राजपूत, जिला ऊना, हिमाचल प्रदेश में है। परिवार का ऊना क्षेत्र से लंबे समय से गहरा जुड़ाव रहा है। सामाजिक और विकासात्मक गतिविधियों में परिवार के योगदान के चलते उनके निधन का समाचार मिलने के बाद क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। अनेक लोगों ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उनसे जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की वास्तविक विरासत उसके द्वारा दिए गए संस्कारों, रिश्तों और समाज के प्रति समर्पण में निहित होती है।
संतों और राजनीतिक हस्तियों ने जताया शोक
श्री कृष्ण आश्रम, हरिद्वार के महामंडलेश्वर 1008 स्वामी गिरधर गिरि महाराज ने श्रीमती संतोष शर्मा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने भी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।
हमीरपुर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी श्रीमती संतोष शर्मा के निधन पर दुख जताया और शोकसंतप्त परिवार को इस कठिन घड़ी में संबल मिलने की प्रार्थना की।
यादों में हमेशा जीवित रहेंगी संतोष शर्मा
प्रार्थना सभा में उमड़ी भीड़ और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की श्रद्धांजलि ने संतोष शर्मा के प्रति सम्मान और स्नेह को दर्शाया। उनके जीवन से जुड़ी स्मृतियां और परिवार को दिए गए संस्कार हमेशा उनके प्रियजनों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
मां के जाने से पैदा हुए खालीपन को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है, लेकिन उनका स्नेह, उनके संस्कार और उनकी स्मृतियां परिवार के दिलों में सदैव जीवित रहेंगी। प्रार्थना सभा में उपस्थित लोगों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।


















