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सुगम दर्शन पास में बड़ा घोटाला ? माता चिंतपूर्णी मंदिर में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में गड़बड़ी, जांच के बाद FIR दर्ज

ऊना । राजवीर दीक्षित

(Major Scam in Sugam Darshan Passes? FIR Registered After Probe Into Online Transactions at Mata Chintpurni Temple) हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध माता चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पास जारी करने के लिए किए गए ऑनलाइन लेन-देन में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। मंदिर अधिकारी संजीव कुमार ने इस संबंध में माता चिंतपूर्णी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई है।

ऊना के एसपी सचिन हिरेमठ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सुगम दर्शन पास जारी करने के दौरान श्रद्धालुओं से QR कोड के माध्यम से भुगतान तो लिया गया, लेकिन वह राशि मंदिर के आधिकारिक बैंक खाते में जमा नहीं हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि रजिस्टर में दर्ज कई ट्रांजैक्शन आईडी और मोबाइल नंबर फर्जी प्रतीत हो रहे हैं।

गौरतलब है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अगस्त 2023 में सुगम दर्शन व्यवस्था शुरू की गई थी। इसके तहत प्रति व्यक्ति 300 से 500 रुपये तथा अधिकतम पांच लोगों के समूह के लिए 1,100 रुपये शुल्क लेकर विशेष दर्शन की सुविधा दी जाती है। वहीं बुजुर्ग, दिव्यांग, बीमार और विशेष रूप से सक्षम व्यक्तियों से केवल 50 रुपये लिए जाते हैं।

सुगम दर्शन पास माई दास सदन स्थित कंप्यूटर काउंटर से जारी किए जाते हैं। इन पासों के माध्यम से श्रद्धालुओं को अलग प्रतीक्षालय, इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट की सुविधा और मंदिर में सीधे प्रवेश मिलता है। प्रतिदिन अधिकतम 500 पास ही जारी किए जाते हैं।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि 19 जुलाई को जारी किए गए पासों में करीब 80 ट्रांजैक्शन संदिग्ध पाए गए। इनका भुगतान मंदिर के अधिकृत बैंक खाते में न जाकर किसी अन्य QR कोड से जुड़े बैंक खाते में चला गया। साथ ही इन एंट्रियों के सामने फर्जी ट्रांजैक्शन आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज किए गए थे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरिंदर शर्मा ने पुष्टि की है कि 19 जुलाई की 80 संदिग्ध एंट्रियां मंदिर के बैंक स्टेटमेंट से मेल नहीं खा रही थीं। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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