Home Legal सुप्रीम कोर्ट सख्त, राहुल समेत 15 को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट सख्त, राहुल समेत 15 को नोटिस

नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित

 

(Supreme Court takes a strict stance; issues notices to 15 people, including Rahul) सुप्रीम कोर्ट तक विपक्षी नेताओं के मार्च को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने दोटूक कहा कि अदालत को डराकर या दबाव में लाने की कोशिश बेकार है। कोर्ट ऐसी कोशिशों पर ध्यान नहीं देता और उसे बाहर कही जा रही बातों के साथ-साथ अदालत के भीतर हो रही गतिविधियों की भी जानकारी है।

CJI ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना याचिकाकर्ताओं में से एक के आचरण पर सवाल उठाने की बात कही और कहा कि संबंधित व्यक्ति को इस पर सफाई देनी होगी। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर तक मार्च और नेताओं के जुटने से जुड़े मामले में राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 15 नेताओं को नोटिस जारी किया गया है। वहीं, SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा गया है।

मार्च पर चार वकीलों की याचिका

12 अक्टूबर के मार्च के बाद चार वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अदालत परिसर में राजनीतिक प्रदर्शन रोकने के लिए नियम बनाने, CCTV फुटेज सुरक्षित रखने और मार्च के आयोजकों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

याचिकाकर्ताओं के वकील गौरव भाटिया ने राहुल गांधी के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से जुड़े CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के अंतरिम आदेश की मांग की। आरोप लगाया गया कि इस दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिया गया था। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बागची ने संबंधित कानूनी एजेंसियों को CCTV और अन्य डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित सामग्री कोई भी व्यक्ति जमा करा सकता है।

केरल कांग्रेस की पोस्ट पर भी विवाद

सुनवाई में केरल कांग्रेस की एक सोशल मीडिया पोस्ट का मुद्दा भी उठा। याचिका में पोस्ट को CJI के खिलाफ बताते हुए इसे अदालत की अवमानना करार देने और कार्रवाई की मांग की गई है। संबंधित पोस्ट हटाई जा चुकी है। इस मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के रुख पर निर्भर करेगी।

ज्ञापन से इनकार के बाद निकाला था मार्च

विपक्षी सांसदों ने 11 अक्टूबर को CJI सूर्यकांत को पत्र लिखकर ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था। समय नहीं मिलने के बाद 12 अक्टूबर को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी सांसदों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। इसके बाद विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट परिसर में जुटे थे।

SIR पर चुनाव आयोग के भीतर भी उठे सवाल

SIR प्रक्रिया को लेकर भी विवाद जारी है। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों आयुक्तों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। SIR से संबंधित सवाल को फॉर्म-6 में शामिल करने पर भी आपत्ति जताई गई थी। इसके अलावा चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखने तथा काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश पर नियमों के उल्लंघन की चिंता जताने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

अब अदालत की अगली कार्रवाई पर नजर: विपक्षी मार्च, कथित दुर्व्यवहार और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े इन मामलों में आगे क्या रुख अपनाया जाता है, यह सुनवाई और संबंधित पक्षों के जवाबों से स्पष्ट होगा।

Translate »
error: Content is protected !!