Home Legal सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर कहा- “100% बर्खास्तगी का मामला”

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर कहा- “100% बर्खास्तगी का मामला”

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका पर कहा- “100% बर्खास्तगी का मामला”

नई दिल्ली । राजवीर दीक्षित

निलंबित पंजाब पुलिस DIG हरचरण सिंह भुल्लर ने CBI द्वारा जांच किए जा रहे भ्रष्टाचार के मामले में दूसरी बार जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यह “100 प्रतिशत बर्खास्तगी का मामला” है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, “यह 100 प्रतिशत बर्खास्तगी का मामला है!

.. आप अभी बर्खास्तगी चाहते हैं या बाद में?”

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी। पीठ ने संकेत दिया कि कुछ महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद ही जमानत याचिका पर विचार किया जाएगा।
भुल्लर के वकील ने दलील दी कि मामले में शिकायतकर्ता और एक महत्वपूर्ण गवाह से अभी तक पूछताछ नहीं हुई है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से दो शैडो गवाहों की गवाही की अनुमति देने का भी अनुरोध किया।
इससे पहले 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने भुल्लर को जमानत देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि यदि दो महीने के भीतर ट्रायल शुरू नहीं होता है तो वह दोबारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मांग सकते हैं। कोर्ट ने यह भी माना था कि हाईकोर्ट द्वारा जमानत से इनकार करना प्रथम दृष्टया उचित है, क्योंकि कुछ महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी बाकी थी।
भुल्लर को 16 अक्टूबर 2025 को CBI ने भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया था और तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं।
मामला 11 अक्टूबर 2025 को आकाश बट्टा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि भुल्लर ने कृष्णनु नामक व्यक्ति के माध्यम से कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी, ताकि सिरहिंद थाने में दर्ज FIR में शिकायतकर्ता के कारोबार के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न हो और उसे अनुकूल व्यवहार मिल सके।
इसके बाद CBI ने 16 अक्टूबर 2025 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7-A तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) के तहत FIR दर्ज की।
जांच के दौरान कृष्णनु और भुल्लर के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड की गई। आरोप है कि एक बातचीत में भुल्लर ने कृष्णनु को शिकायतकर्ता से 8 लाख रुपये लेने के निर्देश दिए थे।
इससे पहले 16 फरवरी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी भुल्लर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
हाईकोर्ट में भुल्लर की ओर से दलील दी गई थी कि अभियोजन पक्ष मुख्य रूप से तत्कालीन सरकारी अधिकारियों और शिकायतकर्ता को गवाह के तौर पर पेश करने वाला है। उनका यह भी कहना था कि सेवा से निलंबित होने के बाद उनके पास गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोई वास्तविक संभावना नहीं है।

🔴 मुख्य बात

CBI भ्रष्टाचार मामले में जमानत मांगने पहुंचे निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली। अदालत ने महत्वपूर्ण गवाहों की जांच के बाद जमानत पर विचार करने के संकेत दिए और मामले को चार सप्ताह के लिए टाल दिया।

Translate »
error: Content is protected !!