जग्गू भगवानपुरिया गिरोह से कथित संबंध, हथियारों और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में तलाश
पंजाब। राजवीर दीक्षित
(The FBI has declared Punjab’s Major Singh wanted) अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने पंजाब के मेजर सिंह को वांटेड घोषित किया है। एजेंसी के अनुसार, मेजर सिंह के कथित तौर पर जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोह से संबंध हैं। एफबीआई ने उसकी गिरफ्तारी के लिए जानकारी सार्वजनिक करते हुए लोगों से सहयोग की अपील की है। एफबीआई के मुताबिक, यह गिरोह अमेरिका और अन्य क्षेत्रों में संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। जांच एजेंसी ने संगठन से जुड़े लोगों पर लगातार आपराधिक गतिविधियों और हथियारों से संबंधित साजिश के आरोप लगाए हैं। मेजर सिंह भी इन्हीं कथित मामलों में एफबीआई की तलाश में है।
संगठित अपराध गिरोह से जुड़ने का आरोप
अमेरिकी जांच एजेंसी ने जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े संगठन को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन के तौर पर चिन्हित किया है। एफबीआई का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए अमेरिका में संगठित अपराध से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम दिया गया। मेजर सिंह पर भी इसी नेटवर्क से जुड़े कथित आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप है। हालांकि, जब तक अदालत में आरोप साबित नहीं होते, तब तक उसे दोषी नहीं माना जा सकता।
हथियारों की साजिश समेत कई आरोप
एफबीआई के अनुसार, संगठन से जुड़े लोगों पर संगठित अपराध और हथियारों से संबंधित साजिश के आरोप हैं। एजेंसी मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और मेजर सिंह की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पंजाब से अमेरिका तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस आपराधिक नेटवर्क की जड़ें पंजाब से जुड़ी हैं और बाद में इसका कथित विस्तार अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत अन्य इलाकों तक हुआ। अमेरिकी जांच में नेटवर्क पर संगठित अपराध, हथियारों के अवैध कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों के आरोप लगाए गए हैं।
एफबीआई ने जारी किया हुलिया
एफबीआई के रिकॉर्ड के अनुसार, मेजर सिंह का जन्म 20 जुलाई 1997 को हुआ है। उसकी राष्ट्रीयता भारतीय बताई गई है। उसकी लंबाई करीब 5 फुट 8 इंच और वजन लगभग 182 पाउंड बताया गया है। उसके बाल और आंखों का रंग काला बताया गया है।
एफबीआई ने उसकी तस्वीर भी जारी की है। एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि मेजर सिंह के संबंध में कोई जानकारी मिलने पर स्थानीय एफबीआई कार्यालय या नजदीकी अमेरिकी दूतावास अथवा वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया जाए।



















