चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Unity Wins in Una”) हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में पंचायत चुनावों के दौरान लोकतंत्र की एक सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली, जहां पांच ग्राम पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान और सभी वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए। इस सर्वसम्मति चुनाव ने क्षेत्र में भाईचारे, एकता और आपसी सहयोग का संदेश दिया है। चुनावी मुकाबले और राजनीतिक खींचतान के बजाय गांवों ने विकास को प्राथमिकता देते हुए एकमत से अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।
जानकारी के अनुसार, ऊना उपमंडल की बीनेवाल और उदयपुर पंचायत, हरोली उपमंडल की जखेवाल और पंडोगा निचला, जबकि बंगाणा उपमंडल की बोहरू पंचायत में सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। इसके अलावा बीडीसी सीट पोलियां बीत-23 से नीलम देवी भी निर्विरोध सदस्य चुनी गई हैं। पंचायतों में चुने गए प्रतिनिधियों को स्थानीय लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया और मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई।
ग्राम पंचायत जखेवाल में रामपाल प्रधान और गुरदेव सिंह उपप्रधान चुने गए, जबकि पंडोगा निचला में गुरपाल प्रधान और राकेश कुमार उपप्रधान बने। वहीं बोहरू पंचायत में मीता देवी को प्रधान और जगदेव सिंह को उपप्रधान चुना गया। बीनेवाल पंचायत में मनदीप कौर प्रधान और सुरजन सिंह उपप्रधान निर्वाचित हुए, जबकि उदयपुर पंचायत में जसविंदर कौर प्रधान और मक्खन सिंह उपप्रधान चुने गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायतों में बिना विवाद और बिना चुनावी तनाव के हुए इस चयन से गांवों में सौहार्द का माहौल बना है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि नए चुने गए प्रतिनिधि विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाएंगे और पंचायतों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
ऊना जिले में हुए ये निर्विरोध चुनाव अब पूरे हिमाचल में चर्चा का विषय बने हुए हैं। लोग इसे लोकतंत्र की परिपक्वता और ग्रामीण एकजुटता की मिसाल मान रहे हैं।



















