चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Farmers Protest Chandigarh “) पंजाब और चंडीगढ़ की सीमाओं पर एक बार फिर किसानों का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चंडीगढ़ कूच का ऐलान किया, जिसके बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब से लगती सभी सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर दी और प्रदर्शनकारियों की एंट्री रोकने के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम किए गए। मोहाली बॉर्डर पर पानी की बौछारें तक इस्तेमाल करनी पड़ीं।
किसानों की मुख्य मांगों में दरियाई पानी के बंटवारे को रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार लागू करना, पंजाब पुनर्गठन एक्ट की कुछ धाराओं को रद्द करना, सभी फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी और बिजली व बीज कानून 2025 का विरोध शामिल है। इसके अलावा किसानों ने सहकारी समितियों की ऋण सीमाएं बहाल करने और धान सीजन के दौरान पर्याप्त बिजली व नहरी पानी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। एसएसपी स्तर के अधिकारी लगातार निगरानी बनाए हुए हैं और किसानों के साथ बातचीत जारी है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। वहीं, चंडीगढ़ जाने वाले कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।
इस प्रदर्शन को लेकर पंजाब की राजनीति भी गर्मा गई है। किसान संगठनों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। बॉर्डर पर भारी पुलिस बल, किसानों की भीड़ और बढ़ते तनाव के बीच आने वाले दिनों में यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।



















