नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(215 Youth Congress members, who were absent from the Delhi rally, expelled from the party!) दिल्ली में INDIA गठबंधन की रैली से दूरी बनाना युवा कांग्रेस के 215 पदाधिकारियों को भारी पड़ गया। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में शामिल नहीं होने पर इंडियन यूथ कांग्रेस की राष्ट्रीय नेतृत्व ने सात राज्यों और उत्तर प्रदेश सेंट्रल यूनिट के पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई संगठन के निर्देशों की अनदेखी मानते हुए की गई है।
निलंबन की कार्रवाई गुजरात, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड और हिमाचल प्रदेश में की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, गुजरात में 49, पश्चिम बंगाल में 26, उत्तर प्रदेश सेंट्रल में 11, तेलंगाना में 14, हरियाणा में 10, मध्य प्रदेश में 60, झारखंड में 32 और हिमाचल प्रदेश में 13 पदाधिकारियों पर गाज गिरी है।
मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी कार्रवाई
इस कार्रवाई में मध्य प्रदेश सबसे ऊपर है, जहां 60 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें 32 प्रदेश सचिव, 14 महासचिव, 5 उपाध्यक्ष और 9 जिला अध्यक्ष शामिल हैं। वहीं हरियाणा में 10 पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, जिनमें 9 प्रदेश स्तर के पदाधिकारी और एक जिला अध्यक्ष शामिल हैं। झारखंड में भी 32 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है।
वापसी के लिए जमीन पर उतरना होगा
निलंबन अगले आदेश तक जारी रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, जिन पदाधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उन्हें दोबारा संगठन में सक्रिय भूमिका पाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना होगा और नेतृत्व के निर्देशों का पालन करना होगा। यानी फिलहाल इन नेताओं की संगठन में वापसी आसान नहीं दिख रही।
क्यों हुई कार्रवाई?
दरअसल, INDIA गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की थी। इस रैली का उद्देश्य मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष की एकजुटता दिखाना था।
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
कांग्रेस ने इस रैली को विपक्षी एकता और ताकत के बड़े प्रदर्शन के रूप में पेश किया था। लेकिन अब इसी कार्यक्रम से गैरहाजिर रहने वाले युवा कांग्रेस पदाधिकारियों पर संगठन ने सख्त कार्रवाई कर दी है। रैली में गैरहाजिरी अब संगठन के भीतर बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की वजह बन गई है।


















