नई दिल्ली। राजवीर दीक्षित
(850 fast-track courts approved for rape cases!) केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई। यौन शोषण और दुष्कर्म के मामलों के जल्द निपटारे के लिए देश में 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बिजली स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए ₹14,500 करोड़ और सरकारी आंकड़ों के संग्रह की व्यवस्था आधुनिक बनाने के लिए ₹4,371 करोड़ की योजना को भी हरी झंडी दी गई।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि 92 गीगावाट-घंटे (GWh) क्षमता वाली ग्रिड स्केल एनर्जी स्टोरेज योजना को मंजूरी दी गई है। इसका मकसद बड़े पैमाने पर बिजली का भंडारण करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। इससे सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा का बेहतर उपयोग संभव होगा।
तीन हिस्सों में बांटी गई स्टोरेज क्षमता
सरकार की इस योजना के तहत कुल 92 GWh क्षमता को तीन हिस्सों में बांटा गया है।
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30 GWh: बैटरी आधारित एनर्जी स्टोरेज।
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60 GWh: पंप स्टोरेज परियोजनाएं।
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2 GWh: नई सोलर तकनीक।
सरकार के मुताबिक, बिजली स्टोरेज की सुविधा से ट्रांसमिशन लाइनों का भी बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। दिन में सौर ऊर्जा से तैयार अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर रात या जरूरत के समय इस्तेमाल किया जा सकेगा।
24 महत्वपूर्ण खनिजों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा
कैबिनेट ने क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के लिए भी योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत पहचान किए गए सभी 24 महत्वपूर्ण खनिजों को शामिल किया जाएगा। खदानों से निकाले गए कच्चे खनिजों के साथ रीसाइक्लिंग से प्राप्त खनिजों की प्रोसेसिंग पर भी जोर रहेगा। इसका उद्देश्य खनिजों को औद्योगिक उत्पादन के लिए उपयोगी बनाना है।
डेटा सिस्टम पर खर्च होंगे ₹4,371 करोड़
सरकार ने देश की डेटा कलेक्शन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए ₹4,371 करोड़ की योजना मंजूर की है। इसके तहत सरकारी आंकड़े जुटाने, उनकी जांच और विश्लेषण की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जाएगा।
योजना में सर्वेक्षण के तरीकों में सुधार, आंकड़ों में गलतियां कम करने और विश्वविद्यालयों में डेटा कलेक्शन से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू करने पर जोर दिया जाएगा। नियमित आंकड़े जुटाने और उनकी समीक्षा की व्यवस्था भी मजबूत की जाएगी।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इन सुधारों से सरकार को नीतियां बनाने के लिए अधिक भरोसेमंद आंकड़े मिल सकेंगे। वहीं, फास्ट-ट्रैक कोर्ट की मंजूरी को यौन अपराधों से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


















