टारगेट न्यूज़ ब्यूरो: 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही अभिनय जगत में खुशी की लहर है। इस प्रतिष्ठित समारोह में ‘बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर’ का पुरस्कार जीतने वाले अभिनेता संजय मिश्रा ने अपने अभिनय के सफर और किरदारों को पर्दे पर उतारने के अपने अनूठे नजरिए पर खुलकर बात की है।
जमीन से जुड़े रहना ही सफलता की कुंजी
संजय मिश्रा का मानना है कि एक अभिनेता के रूप में उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा जमीन से जुड़े रहने की कोशिश करते हैं, क्योंकि यही वह आधार है जो उन्हें आम आदमी की भावनाओं को पर्दे पर पूरी सच्चाई के साथ पेश करने में मदद करता है।
एक अभिनेता के लिए सबसे जरूरी है कि वह अपनी जड़ों को न भूले। जब आप आम लोगों के बीच रहते हैं और उनकी बारीकियों को देखते हैं, तभी आप अपने किरदारों में वह गहराई ला पाते हैं जो दर्शकों के दिलों को छू लेती है।
किरदारों में कैसे लाते हैं नयापन?
संजय मिश्रा ने बताया कि वे किसी भी भूमिका को निभाने से पहले उसके पीछे की मानवीय संवेदनाओं को समझने की कोशिश करते हैं। उनके लिए अभिनय केवल संवाद बोलना नहीं, बल्कि उस चरित्र को जीना है। उनकी अभिनय शैली की यही सहजता उन्हें अन्य कलाकारों से अलग खड़ा करती है।
प्रमुख बातें:
- संजय मिश्रा को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिलेगा।
- अभिनेता का मानना है कि यथार्थवादी अभिनय के लिए जमीनी हकीकत से जुड़ाव अनिवार्य है।
- वे अपने किरदारों में मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता देते हैं।
संजय मिश्रा की यह उपलब्धि न केवल उनके प्रशंसकों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह उन उभरते कलाकारों के लिए भी एक प्रेरणा है जो सिनेमा में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।



















