चंडीगढ़ | राजवीर दीक्षित
(Uproar over Varinder Ghuman’s death) इंटरनेशनल बॉडीबिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अमृतसर के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में 9 अक्टूबर 2025 को सर्जरी के दौरान हुई उनकी मौत को लेकर अब पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में चार वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिससे पूरे मेडिकल सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
घुम्मन के भाई रब्बी ने इस मामले में कई अहम खुलासे किए हैं। उनका कहना है कि पुलिस जांच अभी जारी है और आने वाले समय में एफआईआर में और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि परिवार के पास पर्याप्त सबूत हैं, जो यह साबित करते हैं कि यह मामला डॉक्टरों की लापरवाही का है। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
एफआईआर में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. तपिश शुक्ला, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट डॉ. अलका तिवारी, विभाग की प्रमुख डॉ. राजिंदर कौर और कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार चोपड़ा का नाम शामिल है। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन थिएटर के स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
रब्बी ने यह भी कहा कि बॉडीबिल्डर्स की मौत को अक्सर हार्ट अटैक बताकर मामला दबा दिया जाता है, लेकिन उनके भाई फिटनेस के प्रति जागरूकता फैला रहे थे और लाखों लोगों के लिए प्रेरणा थे।
परिवार को उम्मीद है कि इस मामले में अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा। पुलिस ने आईपीसी की धारा 106(1) के तहत लापरवाही का केस दर्ज किया है। आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है, जिससे सच्चाई पूरी तरह सामने आ सकती है।



















