चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Big danger bell for women! Doctors issued a major warning — do not ignore these things”) महिलाओं में अनियमित पीरियड्स अब सिर्फ एक सामान्य समस्या नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों का संकेत बनते जा रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में खासकर युवा लड़कियों और महिलाओं में पीरियड्स की अनियमितता तेजी से बढ़ी है। बदलती लाइफस्टाइल, जंक फूड, बढ़ता तनाव, देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल और एक्सरसाइज की कमी इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं।
गायनेकोलॉजिस्ट्स का कहना है कि अगर पीरियड्स 2-3 महीनों तक नहीं आते, बहुत ज्यादा देरी से आते हैं या बार-बार समय बदलता रहता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह हार्मोनल असंतुलन और PCOD जैसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। समय रहते इलाज न करवाने पर मोटापा, डायबिटीज, दिल की बीमारी और यहां तक कि बच्चेदानी, ओवरी और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार 35 साल की उम्र के बाद अनियमित माहवारी महिलाओं के लिए और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। कई मामलों में एंडोमेट्रियल हाइपरप्लासिया जैसी बीमारी भी देखने को मिलती है, जिसमें बच्चेदानी की अंदरूनी परत मोटी होने लगती है और आगे चलकर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग, लंबे समय तक पीरियड्स रहना, अत्यधिक दर्द, चेहरे पर अनचाहे बाल, वजन बढ़ना और मुहांसों जैसी समस्याओं को हल्के में न लें।
डॉक्टरों की सलाह है कि महिलाएं अपनी डाइट सुधारें, जंक फूड और ज्यादा मिठाइयों से बचें, रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें और तनाव कम रखें। साथ ही समय-समय पर हार्मोन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड और ब्लड शुगर जांच करवाना बेहद जरूरी है।



















