चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Food Manager who called worms in curd “saffron” fined ₹60 lakh, know the full case”) रेलवे ने यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ा संदेश दिया है। पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खराब खाने की शिकायत मिलने के बाद रेलवे ने संबंधित फूड वेंडर का कॉन्ट्रैक्ट तुरंत रद्द कर दिया और उस पर 60 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब एक यात्री को परोसे गए दही में कीड़ा मिला।
सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब शिकायत के बाद पैंट्री मैनेजर ने अपनी गलती मानने की बजाय अजीब तर्क देते हुए कहा कि दही में दिख रही चीज कीड़ा नहीं बल्कि “केसर” है। मैनेजर के इस बयान ने यात्रियों का गुस्सा और बढ़ा दिया। सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल होने लगा और लोगों ने रेलवे की खानपान व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
रेलवे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई और सख्त कार्रवाई का फैसला लिया। जानकारी के मुताबिक यह पहली बार है जब रेलवे ने खराब खाने के मामले में सिर्फ वेंडर ही नहीं बल्कि अपनी एजेंसी IRCTC पर भी इतनी बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे अधिकारियों ने साफ कहा कि यात्रियों की सेहत के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस कार्रवाई को रेलवे इतिहास की सबसे बड़ी फूड सेफ्टी कार्रवाई माना जा रहा है। रेलवे अब ट्रेनों में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर और ज्यादा निगरानी रखने की तैयारी कर रहा है।
इस घटना के बाद यात्रियों के बीच यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि उनकी सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य रेलवे की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग इस सख्त कदम की सराहना कर रहे हैं और इसे जरूरी कार्रवाई बता रहे हैं।



















