चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(“Big Update on TDS on Bank Interest “) इनकम टैक्स विभाग ने बैंक में जमा राशि पर मिलने वाले ब्याज को लेकर एक बड़ा अपडेट जारी किया है, जिससे आम लोगों और वरिष्ठ नागरिकों पर सीधा असर पड़ेगा। विभाग के अनुसार, अब बैंकों और डाकघर में जमा रकम से मिलने वाले ब्याज पर तय सीमा से अधिक होने पर TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) काटा जाएगा।
नियमों के मुताबिक, यदि किसी वित्तीय वर्ष में आम नागरिकों की ब्याज आय ₹50,000 से ज्यादा हो जाती है, तो उस पर TDS लागू होगा। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी गई है। यानी इस सीमा तक ब्याज पर कोई TDS नहीं कटेगा, लेकिन इसके ऊपर की राशि पर टैक्स कटेगा।
इनकम टैक्स विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि नए आयकर कानून 2025 की धारा 402 के तहत “बैंकिंग कंपनी” की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है। इसमें वे सभी संस्थाएं शामिल होंगी जो बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट 1949 के तहत आती हैं। इसका मतलब यह है कि सिर्फ बड़े कॉर्पोरेट बैंक ही नहीं, बल्कि अन्य बैंकिंग संस्थाएं भी इस दायरे में आएंगी।
विभाग ने यह भी साफ किया है कि इस नियम के तहत आने वाले सभी बैंक और वित्तीय संस्थान निर्धारित सीमा से अधिक ब्याज आय पर TDS काटने के लिए बाध्य होंगे। हालांकि, अगर ब्याज आय तय सीमा से कम है, तो उस पर कोई TDS नहीं लगेगा।
यह बदलाव टैक्स सिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी बनाने और आय की सही रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है। इसलिए खाताधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी ब्याज आय पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर टैक्स प्लानिंग पहले से कर लें।



















