Home Business हिमाचल एंट्री टैक्स पर बवाल: बाहरी लोगों से रोज़ाना ₹1.25 करोड़ की...

हिमाचल एंट्री टैक्स पर बवाल: बाहरी लोगों से रोज़ाना ₹1.25 करोड़ की वसूली का आरोप, रेसिप्रोकल टैक्स बैरियर लगाए,फिर सील होंगे रास्ते।

नंगल । राजवीर दीक्षित

(Uproar over Himachal entry tax: Allegations of ₹1.25 crore being collected daily from outsiders; reciprocal tax barriers imposed—roads may be sealed again.)पंजाब और हिमाचल प्रदेश के बीच एंट्री टैक्स को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। नंगल में आयोजित एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस में संघर्ष समिति के नेताओं ने हिमाचल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में प्रवेश करने वाले पंजाब के लोगों से रोजाना करीब ₹1.25 करोड़ की वसूली की जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि हिमाचल सरकार 1975 टोल एक्ट की अवहेलना करते हुए ‘जजिया टैक्स’ की तरह यह वसूली कर रही है। इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने कोर्ट में स्पष्ट नियम बताने के बजाय गोलमोल जवाब देकर न्यायालय और जनता दोनों को गुमराह करने की कोशिश की है। खासकर एक ही नेशनल हाईवे पर दो-दो टोल लगाने के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

संघर्ष समिति के नेताओं ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्रियों और उच्च अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है, जिसमें हिमाचल के खिलाफ रेसिप्रोकल टैक्स लगाने पर भी चर्चा हुई। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने भी अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि एंट्री टैक्स के अलावा उन्हें हर रोज ₹300 से ₹800 तक अतिरिक्त अवैध वसूली का सामना करना पड़ रहा है, जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियमों का उल्लंघन है।

संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि अप्रैल के अंत तक हिमाचल सरकार एंट्री टैक्स बंद नहीं करती, तो 1 मई से बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा और हिमाचल जाने वाले रास्तों को जाम किया जा सकता है। साथ ही पंजाब सरकार से भी जल्द स्पष्ट नीति लाने की मांग की गई है, अन्यथा आंदोलन का रुख सरकार के खिलाफ भी किया जाएगा।

Translate »
error: Content is protected !!