चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Mohali Election Controversy”) मोहाली के डेराबस्सी नगर काउंसिल चुनाव से ठीक पहले वोटरों को कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक, शराब और अन्य सामान बांटने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए CCTV वीडियो ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है। वीडियो में कुछ लोग रेहड़ी पर सामान लेकर गली-गली और घर-घर जाते दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद विपक्ष ने इसे वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश बताया।
इस मामले में बीजेपी पार्षद उम्मीदवार रणजीत सिंह रेड़ी की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूर्व सरपंच समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपियों की पहचान चरणजीत सिंह उर्फ बब्बा, हरचेत सिंह उर्फ काला और नरेंद्र सिंह उर्फ राणा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इनमें से एक आरोपी पहले भी सरपंच रह चुका है।
पुलिस जांच के अनुसार, डेराबस्सी के वार्ड नंबर 16 स्थित ईसापुर कॉलोनी में चुनाव से एक दिन पहले कथित तौर पर मतदाताओं को लुभाने के लिए कोल्ड ड्रिंक, शराब और अन्य सामग्री बांटी जा रही थी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की गई। CCTV फुटेज और शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों को नामजद किया गया।
पुलिस ने आबकारी अधिनियम और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 और 135 के तहत केस दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत चुनाव के दौरान वोटरों को किसी भी प्रकार का लालच देना अपराध माना जाता है। दोष साबित होने पर जुर्माना, जेल और चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध जैसी कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल यह मामला पूरे पंजाब में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या चुनावों में वोटरों को प्रभावित करने की ऐसी कोशिशें लोकतंत्र को कमजोर कर रही हैं?



















