चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Ban Imposed on Medicines and Beauty Products of Famous Companies”) केरल के ड्रग कंट्रोल विभाग ने दवाइयों और कॉस्मेटिक उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने कई दवा और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बैचों को गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए जाने के बाद उनकी बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। यह कार्रवाई मई महीने के दौरान राज्य की ड्रग टेस्टिंग लैब्स में किए गए परीक्षणों के आधार पर की गई है।
स्टेट ड्रग कंट्रोलर डॉ. एम.एन. सुजीत कुमार के अनुसार, जिन उत्पादों पर कार्रवाई की गई है वे निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं कर सके। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन उत्पादों की बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है।
प्रतिबंधित उत्पादों में फोलिक एसिड टैबलेट आईपी 0.4 मिलीग्राम के दो बैच शामिल हैं, जिनका निर्माण यूनिक्योर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया था। इसके अलावा एस्पिरिन गैस्ट्रो-रेजिस्टेंट टैबलेट आईपी 75 मिलीग्राम के दो बैच भी जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग ने डिक्लोफेनैक सोडियम टैबलेट आईपी 50 मिलीग्राम और टेल्मिसार्टन टैबलेट आईपी 40 मिलीग्राम के कुछ बैचों में भी गुणवत्ता संबंधी गंभीर कमियां पाई हैं।
इतना ही नहीं, प्रसिद्ध फार्मा कंपनी सिप्ला द्वारा निर्मित और ‘डोम्पार’ नाम से बेची जाने वाली पैरासिटामोल और डोम्पेरिडोन टैबलेट्स को भी घटिया गुणवत्ता वाला घोषित किया गया है। विभाग ने सभी वितरकों, मेडिकल स्टोर्स, अस्पतालों और स्टॉक रखने वाले संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे प्रभावित बैचों को तुरंत बाजार से हटाकर अपने सप्लायर्स को वापस करें।
ड्रग कंट्रोल विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई जनता को सुरक्षित और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे गुणवत्ता निगरानी अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों ने सभी संबंधित पक्षों से आदेशों का सख्ती से पालन करने और प्रभावित उत्पादों को बिना देरी बाजार से वापस लेने की अपील की है।



















