चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Petrol-Diesel New Rules 2026”) देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने औद्योगिक, व्यावसायिक और संस्थागत उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह नया आदेश शुरुआती तौर पर 90 दिनों के लिए लागू किया गया है, जिसके तहत बड़े उपभोक्ताओं को अब अपनी जरूरत का पेट्रोल-डीजल केवल थोक बिक्री केंद्रों (Bulk Sale Points) से ही खरीदना होगा।
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। बढ़ती कीमतों के बीच रिटेल और थोक ईंधन दरों में बड़ा अंतर पैदा हो गया था। इसी वजह से कई उद्योग, फैक्ट्रियां, टेलीकॉम टावर और बड़े संस्थान आम पेट्रोल पंपों से भारी मात्रा में डीजल खरीदने लगे थे, जिससे आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई थी।
नए नियमों के मुताबिक अब कोई भी औद्योगिक, व्यावसायिक या संस्थागत ग्राहक रिटेल पेट्रोल पंप से पेट्रोल-डीजल नहीं खरीद सकेगा। इसके अलावा किसी भी ग्राहक या वाहन को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही दिया जा सकेगा। पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल की दोबारा बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
सरकार ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ के तहत दोषी पाए जाने पर कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही अधिकृत अधिकारी, डीएसपी रैंक के पुलिस अधिकारी और तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी जांच, तलाशी और जब्ती की कार्रवाई भी कर सकेंगे।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आम जनता के लिए पेट्रोल-डीजल की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना, जमाखोरी रोकना और कालाबाजारी पर लगाम लगाना है।



















