द टारगेट वेब डेस्क
(‘Hidden Belly Fat: The Silent Health Threat Beyond BMI “) अगर आपका वजन सामान्य है और BMI (बॉडी मास इंडेक्स) भी सही दिख रहा है, तो जरूरी नहीं कि आप पूरी तरह स्वस्थ हों। विशेषज्ञों के अनुसार भारत और दक्षिण एशिया के लाखों लोग “स्किनी फैट” यानी बाहर से दुबले लेकिन अंदर से खतरनाक चर्बी से घिरे होते हैं। इस छिपी हुई चर्बी को विसरल फैट (Visceral Fat) कहा जाता है, जो पेट के अंदर लीवर, पैंक्रियाज और आंतों जैसे महत्वपूर्ण अंगों के आसपास जमा होती है।
यह फैट केवल शरीर का आकार नहीं बिगाड़ती, बल्कि लगातार सूजन पैदा करने वाले रसायन (इन्फ्लेमेटरी केमिकल्स) रक्त में छोड़ती रहती है। इसके कारण डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। नई रिसर्च में यह भी सामने आया है कि अधिक विसरल फैट याददाश्त कमजोर होने, एकाग्रता घटने और भविष्य में डिमेंशिया व अल्जाइमर जैसी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल BMI पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। पेट की चर्बी का सही अंदाजा लगाने के लिए कमर की माप (Waist Circumference) और कमर-हिप अनुपात (Waist-to-Hip Ratio) ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। दक्षिण एशियाई लोगों में महिलाओं की कमर 80 सेंटीमीटर और पुरुषों की 90 सेंटीमीटर से कम होनी चाहिए। इससे अधिक माप खतरे का संकेत हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि विसरल फैट को कम किया जा सकता है। रोजाना तेज़ चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी, जॉगिंग और वेट ट्रेनिंग जैसे व्यायाम बेहद प्रभावी हैं। साथ ही चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड फूड से दूरी, पर्याप्त नींद और तनाव कम करना भी बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि लक्ष्य केवल वजन घटाना नहीं, बल्कि शरीर के अंदर जमा खतरनाक चर्बी को कम करके स्वस्थ जीवन जीना होना चाहिए।



















