चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Warning! Shocking Report About Children Reveals a Major Truth “) क्या आप जानते हैं कि पंजाब जैसे समृद्ध राज्य में भी हर चौथा बच्चा कुपोषण से जूझ रहा है? स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ताज़ा रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में बच्चों की शारीरिक वृद्धि और वजन से जुड़ी समस्याएं अब भी गंभीर बनी हुई हैं, और हैरानी की बात यह है कि गांवों की तुलना में शहरों में हालात ज्यादा खराब हैं।
साल 2020-21 में जहां 24.5 फीसदी बच्चों की उम्र के अनुसार लंबाई नहीं बढ़ रही थी, वहीं 2023-24 में यह आंकड़ा घटकर 20.4 फीसदी हुआ है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में अब भी 23 फीसदी बच्चे इस समस्या से प्रभावित हैं। वहीं 5 साल तक के लगभग 24 फीसदी बच्चों का वजन भी उनकी उम्र के हिसाब से नहीं बढ़ रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को पर्याप्त प्रोटीन, ऊर्जा और जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलने के कारण उनके विकास पर असर पड़ रहा है। इससे भविष्य में कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
सरकार की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषाहार उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन कई इलाकों में आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों की कमी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में बड़ी चुनौती बन रही है।
एक बड़ा सवाल यह है कि आखिर विकास के दावों के बीच बच्चे अब भी कुपोषण का शिकार क्यों हैं? आपकी राय क्या है? कमेंट में जरूर बताइए।



















