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मानसून से पहले हिमाचल में पर्यटकों की बाढ़, होटल 90% तक फुल, बढ़ी ट्रैफिक और अव्यवस्थित पर्यटन की चिंता

शिमला । राजवीर दीक्षित

(“Before the monsoon, Himachal is witnessing a surge of tourists; hotels are up to 90% occupied, while concerns are growing over increased traffic and unorganized tourism.”)उत्तर भारत में मानसून की दस्तक से पहले ही हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की भारी आमद देखने को मिल रही है। राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सप्ताहांत (वीकेंड) के दौरान होटल ऑक्यूपेंसी 80 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। हालांकि पर्यटन कारोबार में आई तेजी के साथ-साथ भीड़भाड़, ट्रैफिक जाम और बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ते दबाव को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी, कसौली और चैल जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल पूरी तरह गुलजार हैं। वहीं अब पर्यटक राज्य के जनजातीय क्षेत्रों लाहौल-स्पीति और किन्नौर की ओर भी बड़ी संख्या में रुख कर रहे हैं।

हिमाचल होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशनों के महासंघ के अध्यक्ष गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि पिछले सप्ताहांत में औसत होटल ऑक्यूपेंसी 80 से 90 प्रतिशत के बीच रही, जबकि सप्ताह के अन्य दिनों में भी यह 60 से 70 प्रतिशत तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि संगठन पर्यटकों को “देवभूमि” हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए प्रेरित कर रहा है।

शिमला में फिर बढ़ी ट्रैफिक और भीड़ की समस्या
भारी पर्यटक दबाव के चलते शिमला एक बार फिर ट्रैफिक जाम, भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों और नगर सुविधाओं पर बढ़ते बोझ का सामना कर रहा है।

शहर की प्रसिद्ध मॉल रोड और आसपास के क्षेत्र पर्यटकों और वाहनों से खचाखच भरे हुए हैं। हालांकि स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि भीड़ बढ़ने के बावजूद कारोबार में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है।
मॉल रोड पर एक दुकान में काम करने वाले रंजीत ने कहा,
“पर्यटक तो काफी आ रहे हैं, लेकिन खर्च करने वाले गुणवत्ता वाले पर्यटक हिमाचल नहीं पहुंच रहे।”उन्होंने बताया कि सड़कों पर वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है और मॉल रोड पर भी भारी भीड़ है, लेकिन बिक्री में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है।
लंबे ट्रैफिक जाम बिगाड़ रहे पर्यटकों का अनुभव

पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश एडवेंचर स्पोर्ट्स, धार्मिक पर्यटन और प्रकृति पर्यटन जैसी अनेक गतिविधियां प्रदान करता है, लेकिन पीक सीजन के दौरान लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम पर्यटकों के अनुभव को खराब कर देते हैं।
गजेंद्र ठाकुर ने कहा कि ट्रैफिक जाम पर्यटकों को हतोत्साहित करता है और प्रमुख जाम वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती से समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मददगार होगा, खासकर हाल के दिनों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवादों को देखते हुए।
“अधिक पुलिस बल की मौजूदगी से लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा होती है और असामाजिक तत्वों पर भी नियंत्रण रहता है,” उन्होंने कहा।
गुजरात-महाराष्ट्र से कम, पड़ोसी राज्यों से ज्यादा आ रहे पर्यटक

उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, इस समय हिमाचल आने वाले अधिकांश पर्यटक उत्तर भारत के पड़ोसी राज्यों से हैं, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र जैसे पश्चिमी राज्यों से पर्यटकों की संख्या अभी अपेक्षाकृत कम है।

सतत पर्यटन पर फिर छिड़ी बहस – पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या ने हिमाचल में सतत (Sustainable) पर्यटन को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। स्थानीय निवासियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटकों की संख्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो विशेषकर शिमला जैसे शहरों में सड़कें, पार्किंग, पेयजल आपूर्ति और कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर और अधिक दबाव पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के इस व्यस्त पर्यटन सीजन में प्रशासन को भीड़ नियंत्रण और बुनियादी सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि पर्यटन और स्थानीय जीवन के बीच संतुलन बना रहे।

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