चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Chandigarh Cashier Murder Case: 5 Policemen Suspended After Shooters Escape “) चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर में हुए चर्चित कैशियर मर्डर केस में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सब-इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। जांच में सामने आया कि शहर में लगाए गए नाकों पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके चलते वारदात को अंजाम देने वाले शूटर पुलिस की पकड़ से बचकर फरार हो गए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चंडीगढ़ के एसएसपी सुमेर प्रताप सिंह ने सस्पेंशन के आदेश जारी किए हैं।
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि शूटरों का असली निशाना मेडिकल स्टोर का कैशियर जानकी दास नहीं, बल्कि उसी इलाके का एक बड़ा केमिस्ट था। बताया जा रहा है कि फिरोजपुर के एक व्यक्ति ने उस केमिस्ट की हत्या की सुपारी दी थी, लेकिन कुमार नाम को लेकर हुए भ्रम में शूटरों ने गलत व्यक्ति को निशाना बना दिया और जानकी दास की गोली मारकर हत्या कर दी।
जांच एजेंसियों के अनुसार वारदात के बाद आरोपी चंडीगढ़ से निकलकर कजहेड़ी पहुंचे, जहां उन्होंने कपड़े बदले और फिर दिल्ली रवाना हो गए। वहां से ट्रेन के जरिए जम्मू-कश्मीर पहुंचे ताकि पुलिस को उन पर शक न हो। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि एक युवक लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से आरोपियों को पुलिस कार्रवाई की जानकारी दे रहा था।
इस मामले में शूटर आदिल, सन्नी मेहरा और राहुल चौहान के नाम सामने आए हैं। हालांकि मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, लेकिन उनके संपर्क में रहने वाले तीन संदिग्धों को जम्मू-कश्मीर के सांबा क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्तौल भी बरामद की है।
चंडीगढ़ पुलिस, पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। अधिकारियों का दावा है कि फरार शूटरों तक पहुंचने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



















