चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“40-Foot-Wide Breach in Punjab’s Major Canal at Midnight! Water Floods Homes, Crops Devastated “) पंजाब सरकार जहां एक ओर नहरों को मजबूत बनाने और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर करने के दावे कर रही है, वहीं गुरदासपुर जिले से सामने आई एक घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के सठियाली हेडवर्क्स के पास अपर बारी दोआब नहर में आधी रात करीब 40 फुट चौड़ा कटाव पड़ गया, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार रात करीब 3 बजे नहर का बांध टूट गया और तेज बहाव वाला पानी आसपास के घरों, खेतों और रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया। नहरी विश्राम गृह में रह रहे प्रवासी मजदूरों ने बताया कि वे गहरी नींद में थे, तभी अचानक कमरों में पानी भरने लगा। बाहर निकलकर देखा तो नहर में बड़ा कटाव पड़ चुका था और पानी तेजी से फैल रहा था।
नहर का पानी श्री हरगोबिंदपुर-गुरदासपुर मार्ग को पार करते हुए आसपास के गांवों तक पहुंच गया। कई घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान, गेहूं का भंडारण और अन्य कीमती वस्तुएं खराब हो गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नुकसान लाखों रुपये तक पहुंच सकता है।
इस हादसे का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। हाल ही में लगाई गई धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। किसानों का कहना है कि फसल के बचने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने चिंता जताई कि दोबारा बुवाई के लिए न तो पर्याप्त पौध उपलब्ध है और न ही सरकार की ओर से किसी तरह के मुआवजे का भरोसा मिला है।
घटना की सूचना मिलते ही नहरी विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कटाव को बंद करने के लिए पोकलेन मशीनों की मदद से युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है, लेकिन लगातार पानी का बहाव मरम्मत कार्य में बाधा बन रहा है।
प्रभावित किसानों और ग्रामीणों ने पंजाब सरकार तथा जिला प्रशासन से तुरंत नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने और नहरों की स्थायी मजबूती के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।



















