द टारगेट वेब डेस्क
(Fake Matrimonial Profiles Emptying Bank Accounts) ऑनलाइन डेटिंग और मैट्रिमोनियल ऐप्स पर जीवनसाथी की तलाश अब कई लोगों के लिए साइबर ठगी का कारण बनती जा रही है। साइबर अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर शादी, महंगे गिफ्ट, मेडिकल इमरजेंसी या विदेश से आने जैसी झूठी कहानियां सुनाकर लाखों रुपये ऐंठ लेते हैं। पंजाब पुलिस ने ऐसे मामलों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।
पुलिस के अनुसार, जिले में अब तक इस तरह की करीब 12 शिकायतें जांच के दायरे में हैं। अधिकांश मामलों में ठग खुद को अमेरिका, कनाडा या अन्य देशों में रहने वाला NRI बताकर महिलाओं से दोस्ती करते हैं। कई दिनों या हफ्तों तक बातचीत कर विश्वास जीतने के बाद वे किसी न किसी बहाने पैसों की मांग करते हैं।

पुलिस द्वारा साझा किए गए एक जागरूकता वीडियो में दिखाया गया है कि एक व्यक्ति खुद को NRI बताकर महिला से कहता है कि भारत आते समय एयरपोर्ट पर उसका बैग, पासपोर्ट और विदेशी मुद्रा खो गई है। वह महिला से 2,000 डॉलर भेजने की मांग करता है ताकि उसे छोड़ा जा सके। लेकिन महिला पहले से जागरूक होने के कारण पैसे भेजने से इनकार कर देती है और ठग का पर्दाफाश हो जाता है।
एक अन्य मामले में एक महिला की मुलाकात मैट्रिमोनियल ऐप पर एक कथित NRI से हुई। करीब एक महीने तक बातचीत के बाद आरोपी ने बताया कि उसने महिला के लिए 10 लाख रुपये से अधिक कीमत के महंगे गिफ्ट भेजे हैं। बाद में एक व्यक्ति ने कस्टम अधिकारी बनकर फोन किया और गिफ्ट छुड़ाने के लिए 2.5 लाख रुपये जमा कराने को कहा। महिला ने भरोसा कर पैसे भेज दिए, लेकिन बाद में पता चला कि पूरा मामला फर्जी था।
इसी तरह एक डेटिंग ऐप पर मिले व्यक्ति ने अपने परिवार के सदस्य के इलाज का बहाना बनाकर एक महिला से 1.5 लाख रुपये ठग लिए। बाद में महिला को पता चला कि आरोपी पहले से शादीशुदा था और उसके बच्चे भी थे।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन मिले किसी भी व्यक्ति की पहचान पूरी तरह सत्यापित किए बिना उस पर भरोसा न करें। केवल ऑनलाइन बातचीत के आधार पर कभी भी पैसे ट्रांसफर न करें। मेडिकल इमरजेंसी, कस्टम चार्ज, ट्रैवल खर्च या निवेश के नाम पर मांगे गए पैसों को लेकर विशेष सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध प्रोफाइल की तुरंत संबंधित प्लेटफॉर्म और साइबर पुलिस को शिकायत करें। यदि आप साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।



















