चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Governor Convoy Accident “) पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के वीवीआईपी काफिले की सुरक्षा में सोमवार सुबह उस समय बड़ी चूक सामने आई, जब समराला के घुलाल टोल प्लाजा पर एक निजी इनोवा कार अचानक वीआईपी लेन में घुस गई। इस अप्रत्याशित घटना के चलते काफिले के पीछे चल रही सरकारी एंबुलेंस का संतुलन बिगड़ गया और वह इनोवा से जा टकराई। हादसे में एक महिला समेत दो लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, राज्यपाल का काफिला चंडीगढ़ से लुधियाना की ओर जा रहा था। सुबह करीब 8 बजे जब काफिला टोल प्लाजा की आरक्षित वीआईपी लेन से गुजर रहा था, तभी एक निजी वाहन ने अचानक काफिले के बीच प्रवेश कर लिया। हालात को संभालने के लिए एंबुलेंस चालक ने तुरंत ब्रेक लगाए, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर सीधे इनोवा से टकरा गया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि एंबुलेंस में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और इनोवा में सवार एक महिला घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) और पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। घायलों को तत्काल समराला के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
हालांकि राहत की बात यह रही कि राज्यपाल के काफिले में शामिल किसी भी वीआईपी वाहन को नुकसान नहीं पहुंचा और कोई बड़ा सुरक्षा संकट नहीं बना। लेकिन इस घटना ने वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वीआईपी लेन को विशेष रूप से सुरक्षित रखा जाता है, तो फिर एक निजी वाहन वहां तक कैसे पहुंच गया।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सुरक्षा में हुई इस चूक के लिए जिम्मेदार कौन है और जांच में क्या खुलासा होता है।



















