नई दिल्ली/जालंधर। राजवीर दीक्षित
(Dera Sachkhand Ballan chief Sant Niranjan Das honoured with the Padma Shri; celebrations sweep across the Doaba region.)डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास जी को मंगलवार शाम राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के मिलते ही पंजाब के दोआबा क्षेत्र सहित देश-विदेश में बसे रविदासिया समाज में खुशी की लहर दौड़ गई।
समारोह का प्रसारण होते ही श्रद्धालु टीवी स्क्रीन और सोशल मीडिया से जुड़े रहे। जैसे ही संत निरंजन दास जी को पद्मश्री सम्मान प्राप्त करते देखा गया, सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने इस उपलब्धि को पूरे रविदासिया समाज के लिए गौरव का क्षण बताया।
भाजपा नेताओं और समाज के प्रमुख चेहरों ने भी संत निरंजन दास जी को शुभकामनाएं दीं। पूर्व विधायक अविनाश चंद्र और शीतल अंगुराल ने राष्ट्रपति भवन से संत जी की तस्वीरें साझा करते हुए इसे पंजाब और समाज के लिए सम्मान की बात बताया। अविनाश चंद्र ने समारोह के बाद संत जी के साथ अपनी तस्वीर भी साझा की।
गौरतलब है कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर संत निरंजन दास जी के नाम की पद्मश्री के लिए घोषणा की गई थी। उन्हें आध्यात्मिकता, सामाजिक सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में लंबे समय से किए जा रहे योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है।
संत निरंजन दास जी केवल पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक सम्मानित धार्मिक व्यक्तित्व हैं। वह वाराणसी स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर, सीर गोवर्धनपुर के भी गद्दीनशीन हैं, जो गुरु रविदास जी की जन्मस्थली मानी जाती है।
अब संत निरंजन दास जी के पंजाब लौटने पर उनके स्वागत की भव्य तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यह सम्मान ऐसे समय मिला है जब पूरे देश में गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में वर्षभर चलने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह सम्मान न केवल संत जी बल्कि पूरे रविदासिया समाज के सम्मान और योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है।



















