चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Big Update in Bathinda Petrol Bomb Attack Case: Two Arrested Accused Jump from Bridge During Police Investigation “) पंजाब के बठिंडा में भाजपा नेता और सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन डॉ. तरसेम गर्ग के होम्योपैथिक क्लीनिक पर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरा आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम दोनों आरोपियों को वापस बठिंडा लेकर आ रही थी, तभी उन्होंने पेशाब करने का बहाना बनाया। जैसे ही पुलिस ने वाहन रोका, दोनों ने बठिंडा-मुक्तसर हाईवे के पुल से छलांग लगाकर भागने की कोशिश की। हालांकि उनकी यह कोशिश नाकाम रही। छलांग लगाने के दौरान एक आरोपी की टांग टूट गई, जबकि दूसरे की बांह फ्रैक्चर हो गई। पुलिस ने तुरंत दोनों को दोबारा काबू कर लिया और इलाज के लिए सिविल अस्पताल बठिंडा में भर्ती कराया।
एसएसपी डॉ. जसवीर यादव के नेतृत्व में सीआईए स्टाफ-2 और काउंटर इंटेलिजेंस की टीमों ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मानव खुफिया जानकारी के आधार पर तीन आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नाखुल कुमार राजपूत और गुरविंदर सिंह उर्फ उली के रूप में हुई है, जबकि तीसरा आरोपी संदीप सिंह अभी फरार है।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीसरे आरोपी ने दोनों युवकों को क्लीनिक पर पेट्रोल बम फेंकने के बदले 3-3 हजार रुपये देने का लालच दिया था। हैरानी की बात यह है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।
अब पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगे की पूछताछ में इस हमले के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा हो सकता है। यह मामला पूरे पंजाब में चर्चा का विषय बना हुआ है।



















