चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Punjab Shocker “) अमृतसर में 15 वर्षीय किशोरी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी विनीत कुमार उर्फ हनी को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला 15 जुलाई का है, जिसने पूरे पंजाब को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी मृतका का मामा था, जबकि उसके दो साथी नन्नू और मलकीत सिंह उर्फ किट्टी समेत एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
डीसीपी आलम विजय सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी को किशोरी पर सोने की बालियां चोरी करने का शक था। इसी शक के आधार पर उसने कथित तौर पर किशोरी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है।
मृतका के भाई सुजल साहोता ने शिकायत में बताया कि विनीत ने उन्हें जरूरी बात करने के बहाने अमृतसर बुलाया था। घर पहुंचने पर आरोपी ने किशोरी पर चोरी का आरोप लगाया और विरोध करने पर भाई-बहन दोनों की पिटाई की। इसके बाद भाई को कमरे से बाहर निकालकर दरवाजा बंद कर दिया गया। आरोप है कि विनीत ने अपने भाई नन्नू को भी बुलाया, जिसने भी किशोरी की पिटाई की। जब परिवार कमरे में पहुंचा तो लड़की बेहोश पड़ी थी।
शिकायत के अनुसार, मौत के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। शव को कार की डिक्की में रखकर जालंधर ले जाया गया और रास्ते में दूसरे आरोपियों को सौंप दिया गया। परिवार का आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। परिजनों का यह भी दावा है कि किशोरी ने आरोपी के साथ संबंध बनाने से इनकार किया था, जिसके चलते उसकी हत्या की गई।
फिलहाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।



















