चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Efforts Intensify to End Sanitation Workers’ Strike in Punjab; Minister Harjot Singh Bains Holds Meeting with Union Leaders) पंजाब में लगातार जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त कराने के लिए सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी कड़ी में स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैंस लुधियाना स्थित सटन हाउस, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) पहुंचे, जहां उन्होंने हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों के नेताओं से मुलाकात की।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, हरजोत सिंह बैंस ने स्थानीय विधायक मदन लाल बग्गा और पप्पी प्रशार, डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, नगर निगम आयुक्त ओजस्वी अलंकार तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर हड़ताली नेताओं से विस्तृत चर्चा की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का समाधान निकालना और औद्योगिक शहर लुधियाना में फैले कूड़े के संकट को समाप्त करना था।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे यूनियन नेताओं के बीच भी हड़ताल को लेकर मतभेद सामने आए हैं। एक गुट चाहता है कि हड़ताल समाप्त कर दी जाए, जबकि दूसरा गुट सरकार से सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़ा हुआ है।
हड़ताली कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सभी संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों, जिनमें अधिक आयु वाले कर्मचारी भी शामिल हैं, का नियमितीकरण, पेंशन सुविधा, तथा बरनाला में सफाई कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट के आरोप में डीएसपी और थाना प्रभारी (SHO) के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन शामिल है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर में जमा कूड़ा हर हाल में उठाना जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि कुछ सफाई कर्मचारी हड़ताल के खिलाफ हैं और सफाई कार्य शुरू करना चाहते हैं, लेकिन आंदोलन कर रहे दूसरे गुट द्वारा उन्हें ऐसा करने से रोका जा रहा है।
अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों को कथित तौर पर धमकियां दी जा रही हैं कि यदि उन्होंने हड़ताल समाप्त कराने की कोशिश की तो उसके परिणामों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
एक अन्य अधिकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी नेताओं ने कथित रूप से चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी किए बिना गतिरोध खत्म करने की कोशिश की गई, तो वे उन लोगों के घरों के बाहर कूड़ा फेंकेंगे जो हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं।
फिलहाल सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच बातचीत जारी है, जबकि पूरे पंजाब, विशेषकर लुधियाना में, कूड़े के बढ़ते ढेर लोगों के लिए गंभीर परेशानी और स्वास्थ्य संबंधी चिंता का कारण बने हुए हैं।



















