चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित
(“Haryana-Based Cheating Gang Busted in Punjab Pharmacy Exam “) पंजाब पुलिस ने BFUHS फरीदकोट फार्मेसी परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में हरियाणा के भिवानी को गिरोह का मुख्य केंद्र बताया गया है। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि यह कोई पेपर लीक का मामला नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के जरिए नकल कराने वाला संगठित नेटवर्क था, जिसका संचालन वर्षों से हरियाणा से किया जा रहा था।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस की जांच में गिरोह का मास्टरमाइंड भिवानी का रहने वाला निकला। आरोपियों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के लिए मॉडिफाइड K33 (Kechaoda) मोबाइल फोन, माइक्रो-चिप डिवाइस, छिपे हुए कम्युनिकेशन उपकरण और अन्य हाईटेक गैजेट्स का इस्तेमाल किया जाता था। उन्होंने कहा कि हरियाणा में लंबे समय तक सक्रिय रहने के बावजूद इस नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जबकि पंजाब पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और मेरिट के सिद्धांत पर काम कर रही है और किसी भी कीमत पर नकल माफिया को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिशें की जा रही थीं, लेकिन पुलिस की जांच ने साफ कर दिया कि मामला पेपर लीक का नहीं बल्कि संगठित चीटिंग रैकेट का था।
शिक्षा मंत्री ने हरियाणा सरकार पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले अपने राज्य में पनप रहे नकल माफिया पर कार्रवाई करें और पंजाब को बदनाम करने की कोशिश न करें। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हर आरोपी को कानून के दायरे में लाया जाएगा और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।



















