ऊना। राजवीर दीक्षित
(“Una PWD JE Caught Taking Bribe of ₹8,000 by Vigilance “) हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। ताजा मामले में लोक निर्माण विभाग (PWD) के इलेक्ट्रिकल विंग के जूनियर इंजीनियर (JE) परवेश कुमार को राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी जेई ने एक ठेकेदार से उसके कार्य का बिल पास करने के बदले 8 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार ने रिश्वत देने के बजाय पूरे मामले की शिकायत विजिलेंस से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, टीम ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया और रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल विजिलेंस अधिकारी उससे गहन पूछताछ कर रहे हैं। साथ ही उसके विभागीय रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और पूर्व में किए गए कार्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह अकेली घटना थी या फिर इसके पीछे किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क की भूमिका है।
ऊना में हुई इस कार्रवाई को भ्रष्ट अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। आम लोगों का कहना है कि सरकारी फाइलों और बिलों को पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ऐसे में विजिलेंस की यह कार्रवाई ईमानदार प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर जांच के अगले खुलासों पर टिकी हुई है।



















