Home Punjab UGC Pay Scale समेत मांगों पर कॉलेज शिक्षकों का प्रदर्शन तेज

UGC Pay Scale समेत मांगों पर कॉलेज शिक्षकों का प्रदर्शन तेज

चंडीगढ़। राजवीर दीक्षित

(College Teachers Intensify Protest Over UGC Pay Scale Demands) पंजाब और चंडीगढ़ कॉलेज टीचर्स यूनियन (PCCTU) की स्थानीय इकाइयों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गनाइजेशन्स (AIFUCTO) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शहर के विभिन्न कॉलेजों में शिक्षक लगातार दो घंटे के धरने और प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।

इसी कड़ी में DAV कॉलेज, हाथी गेट में हाल ही में दो घंटे का धरना आयोजित किया गया। इस दौरान PCCTU की स्थानीय इकाई के अध्यक्ष विकास भारद्वाज ने शिक्षकों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वास्तविक अधिकारों और मांगों को सामूहिक संघर्ष के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है।

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों की प्रमुख मांगों में सभी शिक्षकों के लिए 65 वर्ष की समान सेवानिवृत्ति आयु लागू करना शामिल है। इसके अलावा Grant-in-Aid संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों को UGC के वेतनमान और सेवा शर्तों का लाभ देने की मांग भी उठाई जा रही है।

PCCTU ने गेस्ट और एडहॉक शिक्षकों को नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था के तहत काम कर रहे शिक्षकों को रोजगार की स्थिरता और उचित सेवा अधिकार मिलने चाहिए।

शिक्षकों ने सातवें वेतन संशोधन से संबंधित केंद्र सरकार के 50 प्रतिशत हिस्से की राशि राज्य सरकारों को तत्काल जारी करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि वेतन संशोधन से जुड़े वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए केंद्र को अपनी हिस्सेदारी समय पर जारी करनी चाहिए।

इसके साथ ही शिक्षकों ने सार्वजनिक शिक्षा को निजीकरण और व्यावसायीकरण से बचाने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को केवल व्यावसायिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

PCCTU के महासचिव बीबी यादव ने कहा कि संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी शिक्षकों की जायज मांगों को एकता, लोकतांत्रिक संघर्ष और सामूहिक प्रयासों के जरिए हासिल करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार शिक्षकों की मांगों पर बातचीत के लिए तैयार नहीं होती, तब तक विभिन्न कॉलेजों में दो घंटे के धरने जारी रहेंगे।

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