Home Amritsar विवाद पर SGPC का बड़ा कदम! 4 सदस्यीय जांच कमेटी गठित

विवाद पर SGPC का बड़ा कदम! 4 सदस्यीय जांच कमेटी गठित

अमृतसर। राजवीर दीक्षित।

(SGPC takes major step regarding the controversy! 4-member inquiry committee constituted) श्री आनंदपुर साहिब के तख्त श्री केसगढ़ साहिब से जुड़े हालिया विवाद और सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बीच SGPC ने 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को पूरे मामले की जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मामले को लेकर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने बताया कि विवाद सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर प्रारंभिक जांच शुरू कराई गई थी। इसकी जिम्मेदारी SGPC सचिव बलविंदर सिंह काहलवां को दी गई थी।

4 सदस्यीय कमेटी करेगी पूरे मामले की जांच

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें बलदेव सिंह कायमपुरी, गुरमीत सिंह बूआ, बीबी गुरिंदर कौर भोलूवाल और गुरबख्श सिंह खालसा को शामिल किया गया है।

कमेटी के समन्वय की जिम्मेदारी SGPC सचिव बलविंदर सिंह काहलवां को सौंपी गई है। कमेटी मामले से जुड़े तथ्यों और सामने आए सवालों की जांच कर अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय में पेश करेगी।

धामी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा

SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि संबंधित महिला वहां कौन लेकर आया और वह किस रास्ते या तरीके से वहां पहुंची, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।

उन्होंने उन दावों को भी गलत बताया, जिनमें कहा जा रहा था कि महिला ने उनसे मुलाकात कर किसी घटना या कथित जबरदस्ती को लेकर शिकायत की थी।

धामी ने कहा कि अगर ऐसी कोई शिकायत या जानकारी उनके संज्ञान में लाई गई होती तो वह मामले पर कार्रवाई करते। उन्होंने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सभी सवालों का जवाब प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए दिया जाएगा।

ज्ञानी मलकीत सिंह को सेवाओं से मुक्त किया

धामी के मुताबिक, श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के तहत मामले में कार्रवाई भी की गई है। ज्ञानी मलकीत सिंह को अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी के पद और सेवाओं से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।

वहीं अमरजीत सिंह चावला की ओर से वीडियो संदेश के जरिए भेजे गए इस्तीफे को भी मंजूर कर लिया गया है।

पुलिस जांच की भी मांग

SGPC अध्यक्ष ने मीडिया, सोशल मीडिया और प्रचारकों से संवेदनशील धार्मिक मामलों में मर्यादा बनाए रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच करने की मांग की है।

अब सभी की नजरें 4 सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। 15 दिनों में सामने आने वाली रिपोर्ट से विवाद से जुड़े कई सवालों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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