ऊना। राजवीर दीक्षित
(“Una Youths Finally Return Home from Russia “) रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश गए हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के दो युवकों के लिए आखिरकार राहत की खबर सामने आई है। चक्कीमन्यार निवासी अरमान खान और बड़ूही निवासी अंकुश चौधरी करीब एक साल बाद रूस की जेल से सुरक्षित भारत लौट आए हैं। दोनों युवकों के घर पहुंचते ही परिवारों में खुशी का माहौल है और परिजनों की आंखों से राहत के आंसू छलक पड़े।
जानकारी के अनुसार, दोनों युवक रोजगार की तलाश में एक ट्रैवल एजेंट के माध्यम से रूस गए थे। एजेंट ने उन्हें टूरिस्ट वीजा पर रूस भेजा और भरोसा दिलाया कि वहां पहुंचने के बाद उनके वीजा को वर्क वीजा में बदलवा दिया जाएगा। युवकों के परिवारों ने एजेंट को करीब 4-4 लाख रुपये दिए, जिसके लिए उन्हें कर्ज तक लेना पड़ा।
रूस पहुंचने के बाद युवकों ने कुछ समय तक अलग-अलग काम किया, लेकिन उनका वर्क वीजा नहीं बन पाया। इसके बाद 5 जनवरी 2026 को रूसी सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें बिना वैध दस्तावेजों के काम करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दोनों को जेल भेज दिया गया और परिवारों के लिए यह बेहद मुश्किल दौर शुरू हो गया।
भारत में मौजूद परिजनों ने मदद के लिए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर से गुहार लगाई। सांसद की पहल के बाद भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और रूसी दूतावास के स्तर पर प्रयास किए गए। कई महीनों की कानूनी प्रक्रिया और लगातार राजनीतिक प्रयासों के बाद दोनों युवकों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
भारत लौटने पर दोनों परिवारों ने सांसद अनुराग ठाकुर और भारत सरकार का आभार जताया। मंगलवार को युवकों के घर पहुंचने पर स्थानीय नेताओं और पंचायत प्रतिनिधियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। परिवारों ने दोनों के सुरक्षित लौटने पर खुशी जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



















