‘कपल केस’ के 10 अंकों पर उठे सवाल, सरकार से जवाब तलब
हरियाणा। राजवीर दीक्षित
(High Court tightens grip on Haryana’s transfer policy) हरियाणा की मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026 को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कानूनी चुनौती सामने आई है। पॉलिसी के तहत ‘कपल केस’ में दिए जाने वाले 10 अंकों पर सवाल उठाते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर ज्योति ने हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले में कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
याचिकाकर्ता उच्चतर शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर (कंप्यूटर साइंस) के पद पर कार्यरत हैं। उनकी आपत्ति इस बात को लेकर है कि कपल केस के 10 अंक केवल उन्हीं कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं, जिनके पति या पत्नी हरियाणा, दिल्ली या चंडीगढ़ में कार्यरत हैं।
पंजाब और यूपी को बाहर रखने पर सवाल
याचिका में दलील दी गई है कि यदि किसी कर्मचारी का पति या पत्नी पंजाब या उत्तर प्रदेश में नौकरी करता है, तो उसे कपल केस के 10 अंकों का लाभ नहीं मिलता।
याचिकाकर्ता का कहना है कि हरियाणा की सीमाएं पंजाब और उत्तर प्रदेश से भी लगती हैं। ऐसे में कुछ राज्यों में कार्यरत स्पाउस को लाभ देना और पंजाब व उत्तर प्रदेश में कार्यरत पति-पत्नी को इस लाभ से बाहर रखना समानता के अधिकार पर सवाल खड़े करता है।
याचिका में इस प्रावधान को संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत चुनौती दी गई है।
सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस
मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव कौशिक अदालत में पेश हुए और सरकार की ओर से नोटिस स्वीकार किया। राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
अब सरकार के जवाब के बाद यह साफ होगा कि कपल केस के 10 अंकों के लिए पंजाब और उत्तर प्रदेश को बाहर रखने के पीछे सरकार का क्या तर्क है।
प्राइवेट नौकरी करने वाले Spouse का मुद्दा भी गरमाएगा
ट्रांसफर पॉलिसी में एक अन्य प्रावधान भी कानूनी चुनौती के घेरे में आ सकता है। प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत पति या पत्नी के मामले में कपल केस के अंक नहीं दिए जाने की व्यवस्था को भी समानता के आधार पर चुनौती देने की तैयारी की जा रही है।
टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी पर भी बढ़ सकती है मुश्किल
मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी-2026 के बाद अब टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी-2026 के प्रावधान भी हाईकोर्ट में चुनौती के दायरे में आने की संभावना है।
ऐसे में आने वाले दिनों में हरियाणा सरकार की ऑनलाइन ट्रांसफर व्यवस्था को लेकर कानूनी बहस और तेज होने के आसार हैं।
19 अगस्त को अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 19 अगस्त को प्रस्तावित है। अब निगाहें सरकार के जवाब और हाईकोर्ट के अगले रुख पर रहेंगी कि क्या ‘कपल केस’ के 10 अंकों में पंजाब और उत्तर प्रदेश को शामिल करने की मांग पर अदालत कोई दिशा-निर्देश देती है।



















