हिमाचल। राजवीर दीक्षित
हिमाचल में अब इलेक्ट्रिक बसों के सफर को और आसान बनाने की तैयारी है। एचआरटीसी 122 करोड़ रुपये की लागत से 80 जगहों पर चार्जिंग स्टेशन तैयार कर रहा है। 34 स्टेशन बनकर तैयार हैं, जबकि 21 और जगहों पर अगले महीने तक चार्जिंग सुविधा शुरू हो सकती है। वर्तमान में एचआरटीसी के बेड़े में 297 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।
प्रदेश में इलेक्ट्रिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर काम कर रहा है। 122 करोड़ रुपये की लागत से 80 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें 34 स्थानों पर सुविधा तैयार हो चुकी है, जबकि 21 स्थानों पर काम जल्द पूरा करने की तैयारी है।
रविवार को एचआरटीसी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इलेक्ट्रिक बसों के लिए तैयार किए जा रहे चार्जिंग नेटवर्क का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक बसों की बढ़ती संख्या के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर भी विकसित किया जाना चाहिए।
प्रदेश में बढ़ेगा ई-बसों का नेटवर्क
एचआरटीसी प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बढ़ावा देने के लिए 80 स्थानों पर 99 चार्जिंग प्वाइंट तैयार कर रहा है। इन जगहों पर 180 किलोवाट क्षमता वाले फास्ट CCS-2 चार्जर लगाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि चार्जिंग नेटवर्क को सिर्फ शिमला और बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा गया है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्थित बस अड्डों और एचआरटीसी वर्कशॉप को भी इससे जोड़ा जा रहा है। इससे छोटे-बड़े दोनों रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और चार्जिंग व्यवस्था आसान होगी।
297 ई-बसों से HRTC को फायदा, प्रति किलोमीटर ₹16 तक की बचत
प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों का दायरा लगातार बढ़ रहा है। उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि HRTC के पास वर्तमान में 297 इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिन्हें छोटे और लंबे दोनों रूटों पर चलाया जा रहा है। इन बसों के संचालन से डीजल बसों के मुकाबले निगम को प्रति किलोमीटर लगभग 15 से 16 रुपये की बचत हो रही है। ई-बसों के बढ़ते इस्तेमाल से HRTC के परिचालन खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
180 किमी की रेंज, 270 किमी रूट पर भी दौड़ रही बस
इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर सामान्य परिस्थितियों में लगभग 180 किलोमीटर का सफर तय कर सकती हैं। खास बात यह है कि एचआरटीसी के हरोली-चंडीगढ़ जैसे करीब 270 किलोमीटर लंबे रूट पर भी इलेक्ट्रिक बस का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। निगम भविष्य में जरूरत के अनुसार अन्य क्षेत्रों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की तैयारी में है।



















