लाहौल । राजवीर दीक्षित
(Lahaul team makes history; first ascent of 6,048-meter-high peak)लाहौल जिले में ग्रेटर हिमालय की ज़ंस्कार रेंज में 10 सदस्यीय पर्वतारोहण दल ने 6,048 मीटर ऊंची अनाम एवं अरोहित चोटी का सफल आरोहण किया। इस उपलब्धि के साथ टीम ने नया कीर्तिमान स्थापित किया।
इंडियन माउंटेनियरिंग फ़ाउंडेशन के प्रस्तावित अभियान में पर्वतारोहियों की टीम ने 22 से 26 अगस्त तक अभियान पूरा किया। महज पाँच दिनों में चोटी पर सफलतापूर्वक आरोहण करने के बाद टीम ने वहां तिरंगा फहराया। इसे चोटी का पहला सफल आरोहण बताया गया है।
अभियान की सबसे बड़ी खासियतों में से एक रही इंस्ट्रक्टर और पैराग्लाइडर पायलट गिमनर सिंह की ऐतिहासिक उड़ान। उन्होंने 6,048 मीटर ऊंची चोटी से पैराग्लाइडिंग की। टीम के अनुसार, बिना चढ़ी हुई चोटी से इस तरह की उड़ान का यह पहला प्रयास था। बर्फीली ऊंचाइयों से खुले आसमान तक की यह उड़ान साहस और जुनून की मिसाल बनी। इस प्रयास ने अभियान को एक अलग पहचान देने के साथ-साथ पर्वतीय रोमांच की नई संभावनाओं को भी सामने रखा।
एक नई पर्वत चोटी पर सफल आरोहण के बाद अब उसके नामकरण की तैयारी शुरू हो गई है। अभियान के लीडर देश राज के अनुसार, इस चोटी का फिलहाल कोई आधिकारिक नाम नहीं है। टीम पहले पूरे अभियान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और उसके बाद चोटी के नाम का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जाएगा।
देश राज ने बताया कि पर्वतारोहण की परंपरा के तहत नई चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचने वाली टीम उसके नामकरण का सुझाव दे सकती है और इसे जनता को समर्पित करने का अवसर भी मिलता है। इस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा गिमनर सिंह, लक्ष्य दत्त, राम कुमार, अंकित सिंह, रंजीत ठाकुर, गौरव, सौरव और केला देवी सहित अन्य सदस्य रहे।
लाहौल की ज़ंस्कर रेंज में 6,000 मीटर से अधिक ऊंची कई ऐसी चोटियां मौजूद हैं, जिन पर अब तक किसी पर्वतारोही के कदम नहीं पड़े हैं। टीम के मुताबिक, भरतपुर बेस कैंप से 6,100 मीटर ऊंची उनाम पीक समेत हाल ही में फतह की गई चोटी तक पहुंचने का रास्ता है।
अभियान के दौरान युवाओं को पर्वतारोहण और एडवेंचर गतिविधियों के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। गिमनेर सिंह ने कहा कि ऐसे अभियान युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना विकसित करने के साथ उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि एडवेंचर स्पोर्ट्स युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखने का बेहतर माध्यम भी बन सकते हैं।

















