चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
त्योहारी सीजन से पहले खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर पर राज्यभर में प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और इससे जुड़े संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए लिया गया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a) के तहत प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, कुछ खाद्य कारोबारियों द्वारा वेजिटेबल ऑयल, फैट और अन्य नॉन-डेयरी सामग्री से बने उत्पादों को असली डेयरी पनीर के रूप में बेचा जा रहा था। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का फैसला किया।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा टीमों को डेयरी यूनिट्स, पनीर निर्माताओं, थोक विक्रेताओं, खुदरा दुकानों, कोल्ड स्टोरेज और गोदामों में नियमित और अचानक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। पनीर की सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले परिवहन नेटवर्क की भी जांच की जाएगी।
होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरर्स और संस्थागत किचन को पनीर की खरीद के स्रोत से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। एनालॉग पनीर का निर्माण, भंडारण, परिवहन या वितरण करते पाए जाने वाले किसी भी खाद्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
⚠️ क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर में आमतौर पर वेजिटेबल ऑयल, पाम ऑयल, हाइड्रोजेनेटेड फैट, स्टार्च, इमल्सीफाइंग साल्ट और अन्य एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसके पोषण स्तर को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि इसमें पारंपरिक डेयरी पनीर की तुलना में सैचुरेटेड और ट्रांस फैट की मात्रा अधिक हो सकती है।
डेयरी पनीर प्रोटीन, कैल्शियम और जरूरी अमीनो एसिड का अच्छा स्रोत होता है, जबकि ज्यादा प्रोसेस किए गए विकल्पों में पोषण संबंधी फायदे कम हो सकते हैं। इनमें अधिक सोडियम भी हो सकता है, जो हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
🧀 पनीर खरीदते समय बरतें सावधानी
विशेषज्ञों ने लोगों को विश्वसनीय डेयरी या प्रमाणित ब्रांड से ही पनीर खरीदने और पैकेट पर दिए गए इंग्रीडिएंट्स को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी है। जिन उत्पादों में वेजिटेबल ऑयल, स्टार्च या कई तरह के स्टेबलाइजर शामिल हों, उनसे बचना बेहतर है।
हृदय रोग या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को अत्यधिक प्रोसेस्ड पनीर से विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, बच्चों के नियमित प्रोटीन स्रोत के रूप में ताजा डेयरी पनीर को प्राथमिकता देना बेहतर माना गया है।
त्योहारी सीजन में पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है, ताकि मिलावट और गलत लेबलिंग पर रोक लगाई जा सके।
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