Home Elections पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव में SAD की छात्र इकाई SOI ने ABVP को दिया समर्थन, सियासी गठजोड़ के संकेत !

पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव में SAD की छात्र इकाई SOI ने ABVP को दिया समर्थन, सियासी गठजोड़ के संकेत !

पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव में SAD की छात्र इकाई SOI ने ABVP को दिया समर्थन, सियासी गठजोड़ के संकेत !

चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) की छात्र इकाई स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) ने पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (PUCSC) चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) को समर्थन देने का ऐलान किया है।
ABVP की ओर से जारी आधिकारिक पोस्ट के मुताबिक, दोनों छात्र संगठनों के बीच गठबंधन की घोषणा रविवार को की गई। यह घोषणा सोमवार सुबह 9:30 बजे से शुरू होने वाले PUCSC चुनाव के मतदान से ठीक एक दिन पहले हुई।
दरअसल, SOI के उम्मीदवार का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया था, जिसके चलते संगठन सीधे तौर पर चुनाव मैदान में उतरने से बाहर हो गया। SOI के चुनाव से बाहर होने के बाद अब उसके समर्थक वोट बैंक और संगठनात्मक समर्थन के ABVP गठबंधन के पक्ष में जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, संबंधित विभागों में मतदान के बाद पदाधिकारियों के चुनाव के लिए बैलेट बॉक्स सुबह 11 बजे से प्रत्येक संबंधित ब्लॉक की ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रिटर्निंग ऑफिसर से एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद DSW स्टाफ और वार्डन इन बैलेट बॉक्स को जिम्नेजियम हॉल तक पहुंचाएंगे।
डिपार्टमेंटल रिप्रेजेंटेटिव्स (DRs) के परिणाम दोपहर 12 बजे से संबंधित विभागों में प्रदर्शित किए जाएंगे। वहीं, पदाधिकारियों के पदों के लिए मतगणना और परिणामों की घोषणा जिम्नेजियम हॉल में एक साथ की जाएगी।
चुनाव को देखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है। बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। यूनिवर्सिटी के तीनों प्रवेश द्वारों पर सख्त चेकिंग की जा रही है। प्रमुख स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ कैंपस में प्रवेश करने वाले वाहनों और आगंतुकों की जांच की जा रही है, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
SOI और ABVP का यह साथ आना ऐसे समय में हुआ है, जब कुछ दिन पहले ही SAD के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने 21 अगस्त को ANI से बातचीत में कहा था कि पंजाब के लोग चाहते हैं कि SAD और BJP फिर से एक साथ आएं।
मजीठिया ने पंजाब के सीमावर्ती राज्य होने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की जरूरत का हवाला देते हुए दोनों पूर्व सहयोगी दलों के दोबारा साथ आने की पैरवी की थी।
उन्होंने कहा था कि शिरोमणि अकाली दल और BJP ने लंबे समय तक मिलकर काम किया है। उनके मुताबिक, अटल बिहारी वाजपेयी और प्रकाश सिंह बादल ने इस गठबंधन को मजबूत किया और यह गठजोड़ नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भी जारी रहा।
SAD और BJP ने 2020 में अपना गठबंधन खत्म कर लिया था। अकाली दल ने केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में BJP के नेतृत्व वाले NDA से अपना समर्थन वापस ले लिया था।
मजीठिया ने पंजाब की मौजूदा परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य की सीमावर्ती स्थिति, सामाजिक सौहार्द और सामाजिक ताने-बाने को लेकर चिंताओं के कारण लोग दोनों दलों को फिर से एक साथ देखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां कृषि कानूनों के मुद्दे पर अलग हुई थीं, लेकिन पंजाब की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोग चाहते हैं कि SAD और BJP दोबारा साथ आएं।

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