Home crime जूडो फाइनल में बवाल, स्टेट मेडलिस्ट पर हमला

जूडो फाइनल में बवाल, स्टेट मेडलिस्ट पर हमला

लुधियाना। राजवीर दीक्षित 

(Uproar at Judo final; state medalist attacked) गुरु नानक स्टेडियम में चल रहे डिस्ट्रिक्ट लेवल जूडो टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले के दौरान रेफरी बदलने को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि खिलाड़ियों और उनके परिजनों के साथ कथित मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि स्टेट मेडलिस्ट खिलाड़ी गौतम शर्मा के माथे पर नुकीली चीज से हमला किया गया, जिससे उसे दो टांके लगे हैं। वहीं, उसके भाई को थप्पड़ मारने और कोच के साथ हाथापाई का भी आरोप है।

फाइनल मुकाबले के दौरान अचानक बदला रेफरी

घटना 26 तारीख की बताई जा रही है। गौतम शर्मा पिछले करीब 9 साल से जूडो खेल रहे हैं और स्टेट लेवल पर मेडल जीत चुके हैं। आरोप है कि गोल्ड मेडल के फाइनल मुकाबले के दौरान अचानक रेफरी बदल दिया गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि नया रेफरी विरोधी खिलाड़ी से जुड़ा हुआ था।

विरोध किया तो विवाद बढ़ा

रेफरी बदलने पर गौतम के पक्ष ने आपत्ति जताई। आरोप है कि इसी दौरान रेफरी और कोच संजीव के बीच बहस व हाथापाई हो गई। गौतम के भाई वरुण शर्मा ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उसे थप्पड़ मारने का आरोप है। इसी दौरान गौतम के माथे पर भी नुकीली चीज से वार किया गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए ले जाना पड़ा और दो टांके लगे।

पुराने विवाद से जोड़ रहा पीड़ित पक्ष

पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के पीछे पुरानी रंजिश हो सकती है। परिवार के मुताबिक, कुछ समय पहले जालंधर में हुए एक टूर्नामेंट में ओवर-एज खिलाड़ियों को खिलाने को लेकर विवाद हुआ था। उनका दावा है कि उसी विवाद की रंजिश के चलते जूडो टूर्नामेंट में गौतम को निशाना बनाया गया।

आयोजकों पर भी लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद परिवार ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का यह भी कहना है कि टूर्नामेंट आयोजकों ने मामले में हस्तक्षेप करने के बजाय पुलिस से शिकायत करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।

CP ऑफिस पहुंचा मामला

पुलिस और आयोजकों के रवैये से नाराज पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर कार्रवाई और स्टेडियम में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की मांग की है।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि CCTV फुटेज से पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकती है। वहीं, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

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