सहारनपुर। राजवीर दीक्षित
(Fake notes worth Rs 17 crore found in PNB, 3 managers suspended) उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में करीब 17 करोड़ रुपए के नकली नोट मिलने से हड़कंप मच गया। बैंक के ऑडिट के दौरान यह बड़ी गड़बड़ी सामने आई। मामले में बैंक ने तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जबकि पार्टटाइम हाउसकीपर समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। फिलहाल RBI और पुलिस की जांच जारी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार सुबह RBI के 6 अधिकारी दो गाड़ियों से सहारनपुर पहुंचे। अधिकारियों ने बैंक पहुंचकर करेंसी चेस्ट और रिकॉर्ड की जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि टीम बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है।
पहले सामने आई नकदी में कमी की गड़बड़ी
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब सहारनपुर की घंटाघर स्थित PNB शाखा से जयपुर भेजी गई रकम में कमी पाई गई। कुछ दिन पहले पार्टटाइम हाउसकीपर विशाल कुमार को करेंसी चेस्ट में करीब 11.50 करोड़ रुपए की नोटों की गड्डियां व्यवस्थित करने का काम दिया गया था।
बैंक को यह रकम RBI के जयपुर करेंसी चेस्ट भेजनी थी। तय प्रक्रिया के तहत 5 अगस्त को रकम भेजी गई। जयपुर में गिनती के दौरान 4 लाख 30 हजार 900 रुपए की कमी सामने आई। इसके बाद मेरठ स्थित PNB अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई।
CCTV में नोट निकालता दिखा हाउसकीपर
बैंक ने मामले की जांच के लिए मेरठ के चीफ मैनेजर अरुण कुमार चौबे को सहारनपुर भेजा। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
फुटेज में पार्टटाइम हाउसकीपर विशाल कुमार नोटों की गड्डियों से रुपए निकालता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद बैंक ने उसे काम से हटा दिया और उसके खिलाफ चोरी का केस दर्ज कराया।
9 अगस्त से शुरू हुआ करेंसी चेस्ट का ऑडिट
हाउसकीपर से जुड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद बैंक ने 9 अगस्त से करेंसी चेस्ट का विस्तृत ऑडिट शुरू किया। नकदी और बैंक रिकॉर्ड का मिलान किया गया। इसी दौरान करीब 17 करोड़ रुपए के नकली नोट मिलने का दावा सामने आया।
इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की गई।
तीन मैनेजरों पर गिरी गाज
जांच में सीनियर डिवीजनल मैनेजर रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट मैनेजर सुशील कुमार और यमुनानगर-जगाधरी में तैनात करेंसी चेस्ट मैनेजर अमित कुमार से नकली नोटों को लेकर जानकारी मांगी गई।
बैंक के मुताबिक, तीनों अधिकारी जांच टीम को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद तीनों को सस्पेंड कर दिया गया। बैंक की ओर से विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
नकली नोट करेंसी चेस्ट तक पहुंचे कैसे?
अब पुलिस इस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इन्हें वहां किसने रखा। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में बैंक के किन कर्मचारियों या अन्य लोगों की भूमिका रही है।
सहारनपुर DIG अभिषेक सिंह के मुताबिक, बैंक के चीफ मैनेजर की शिकायत पर तीन मैनेजरों और पार्टटाइम हाउसकीपर के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है। बैंक अपने स्तर पर विभागीय जांच कर रहा है, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।



















