शिमला । राजवीर दीक्षित
(Political activity intensifies in Himachal; after the CM, the Deputy CM also reaches Delhi)हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे के बीच उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मंगलवार को दिल्ली रवाना हुए। सूत्रों के अनुसार कृषि मंत्री चंद्र कुमार को भी दिल्ली बुलाया गया है। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर पहले से दिल्ली में हैं। हालांकि, रोहित ठाकुर शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।
एक ही समय में हिमाचल कांग्रेस के दोनों बड़े चेहरे दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सोमवार को दिल्ली रवाना हुए, जबकि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री मंगलवार सुबह शिमला से चंडीगढ़ के लिए निकले। चंडीगढ़ से वह फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंचेंगे। ऐसे में कांग्रेस हाईकमान के साथ होने वाली इन मुलाकातों को प्रदेश की सियासत के लिए खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उनका दिल्ली दौरा अब सिर्फ औपचारिक यात्रा तक सीमित नहीं माना जा रहा। सियासी चर्चाओं के बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, मुलाकात का कोई आधिकारिक कार्यक्रम सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
सरकार के भीतर बड़े बदलाव की आहट
मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा ने प्रदेश की सियासत को गर्म कर दिया है। संभावित विस्तार के साथ कुछ पुराने मंत्रियों की जिम्मेदारियों में बदलाव और नए चेहरों को मौका देने की अटकलें हैं। वहीं, खराब प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों पर भी नेतृत्व की नजर होने की चर्चा है। 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार में ऐसा कोई भी बदलाव राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।
कुल्लू से शिमला तक सुंदर ठाकुर की चर्चा, मंत्री पद की दावेदारी क्यों मजबूत?
संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन के साथ नए चेहरों को जगह देने की चर्चा के बीच सुंदर ठाकुर का नाम तेजी से उभर रहा है। कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का करीबी समर्थन मिलने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री के सार्वजनिक बयानों में भी उन्हें मंत्री बनाए जाने के संकेत मिल चुके हैं। ऐसे में उनकी दावेदारी को हल्के में नहीं लिया जा रहा। हालांकि, राजनीतिक समीकरणों के बीच अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान के हाथ में रहेगा।
कांग्रेस की नजर 2027 पर, समीकरण साधने की तैयारी
कांग्रेस नेतृत्व अब 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की राजनीतिक स्थिति का आकलन कर रहा है। सरकार और संगठन में बदलाव की संभावनाओं के बीच नेताओं की सक्रियता, क्षेत्रीय भागीदारी, जातीय समीकरण और मंत्रियों के प्रदर्शन जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
मुख्यमंत्री की कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के साथ लगातार हो रही मुलाकातें बताती हैं कि पार्टी चुनावी रणनीति को लेकर गंभीर मंथन कर रही है। दिल्ली बैठक के बाद संगठन और सरकार को लेकर कुछ अहम संकेत सामने आने की संभावना है।



















