शिमला । राजवीर दीक्षित
(Major crackdown on drug trafficking in Shimla; assets worth ₹1.64 crore seized)हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शिमला में एक आरोपी की 1.64 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सीज की है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सैलून की आड़ में लंबे समय से अफीम की तस्करी कर रहा था। बताया गया कि वह ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू और आसपास के इलाकों में नशे की सप्लाई करता था। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
नशे के कारोबार के खिलाफ ठियोग पुलिस ने शिकंजा कसते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने हॉस्पिटल रोड, रहीघाट स्थित सोहन लाल उर्फ हैपी की नाई की दुकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान करीब 71 ग्राम अफीम बरामद होने से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नशे की खेप कहां से लाई गई थी और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपित की वित्तीय गतिविधियों को भी जांच का अहम हिस्सा बनाया। अधिकारियों ने आरोपित और उसके करीबी सहयोगियों की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, आय और उपलब्ध वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल की। इसके साथ ही आय के घोषित और ज्ञात वैध स्रोतों का भी मिलान किया गया, ताकि वित्तीय लेन-देन में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है या नहीं, इसका पता लगाया जा सके।
जमीन से लेकर बैंक खातों तक, 1.64 करोड़ की संपत्ति चिन्हित
जांच के दौरान पुलिस ने एक आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि, दो मंजिला दुकान और एक वाहन की पहचान की। इसके अलावा विभिन्न बैंक और डाकघर खातों में जमा धनराशि को मिलाकर कुल संपत्ति का अनुमान करीब 1.64 करोड़ रुपये लगाया गया है।
नशा तस्करों पर पुलिस का आर्थिक वार, 12 मामलों में 8 करोड़ की संपत्ति सीज
शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 में एनडीपीएस मामलों के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करते हुए तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने पर फोकस किया है। अब तक 12 मामलों में वित्तीय जांच की गई, जिसमें आठ करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं। पुलिस के अनुसार 2024 और 2025 में एनडीपीएस मामलों में इस तरह की वित्तीय जांच नहीं की गई थी।
नशे के कारोबार पर डबल अटैक, ड्रग्स के साथ काली कमाई भी निशाने पर
नशे के खिलाफ अभियान को अब आर्थिक जांच से जोड़ा जा रहा है। पुलिस तस्करों के पास से बरामद नशीले पदार्थों के साथ उनकी आय और संपत्ति के स्रोत की भी जांच करेगी। यदि किसी संपत्ति या धन का संबंध नशे की तस्करी से सामने आता है तो उसे कानून के तहत सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
इससे तस्करों के लिए नशे के कारोबार से कमाई करना और उस पैसे को संपत्ति में बदलना मुश्किल हो सकता है।



















