कांगड़ा । राजवीर दीक्षित
(Preparations for National Lok Adalat in Kangra; 15,000 cases to be heard) हिमाचल प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर 12 सितंबर को प्रदेशभर में राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। जिला और उपमंडल न्यायालयों में लगने वाली इन लोक अदालतों का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों की आपसी सहमति से विवादों का जल्द निपटारा करना है। जिला कांगड़ा में इस दौरान करीब 15 हजार मामलों की सुनवाई प्रस्तावित है। लोक अदालत के माध्यम से लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ समय और धन की भी बचत हो सकती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कई मामलों का होगा निपटारा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आर. मिहुल शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की जाएगी। इसमें बैंक से जुड़े विवाद, श्रम संबंधी मामले, बिजली-पानी के बिल, वैवाहिक विवाद और चेक बाउंस के मामले शामिल हैं। इसके अलावा पूर्व मुकदमेबाजी से जुड़े मामलों और अदालतों में लंबित प्रकरणों का भी निपटारा किया जाएगा। लोक अदालत का उद्देश्य पक्षकारों को सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध करवाना है।
समझौते के इच्छुक पक्ष कर सकते हैं आवेदन
विवाद में शामिल कोई भी पक्ष यदि मुकदमे की शुरुआत से पहले आपसी समझौता करना चाहता है, तो वह संबंधित न्यायालय में आवेदन दे सकता है। इसके जरिए मामले को आपसी सहमति से निपटाने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अधिकारियों के अनुसार, इससे लोगों को त्वरित और सरल समाधान पाने का अवसर मिलता है।
लोक अदालत का उठाएं लाभ, आपसी सहमति से खत्म करें विवाद
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लोगों को अपने मामलों का सरल तरीके से निस्तारण करवाने का अवसर मिलेगा। 12 सितंबर को आयोजित होने वाली लोक अदालत में पहुंचकर पक्षकार आपसी समझौते के जरिए विवाद समाप्त कर सकते हैं। इससे न्यायिक प्रक्रिया का बोझ कम करने के साथ आम लोगों को भी राहत मिलेगी।



















