चंडीगढ़ । राजवीर दीक्षित
(Lured with promises of jobs abroad, Punjab youths held hostage; ransom of lakhs demanded in the name of ‘Khan Baba’) पंजाब के युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर दूसरे देशों में ले जाकर बंधक बनाने के मामले सामने आए हैं। पिछले 11 महीनों में ऐसे कई मामलों में युवाओं को स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया भेजने का वादा किया गया, लेकिन वे थाईलैंड, ईरान और इथियोपिया पहुंच गए।
कपूरथला के 24 वर्षीय मनप्रीत सिंह और जालंधर के 27 वर्षीय कुलराज सिंह को स्पेन में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की नौकरी का भरोसा दिया गया था। 30 जून को रवाना होने के बाद दोनों थाईलैंड पहुंचे। परिवारों को कथित तौर पर “खान बाबा” नाम के व्यक्ति के फोन आए और दोनों की रिहाई के लिए 15-15 लाख रुपये मांगे गए। मनप्रीत का परिवार रकम देकर उसे वापस लाने में सफल रहा, जबकि कुलराज के परिवार ने 8 लाख रुपये ही जुटाए। इसके बाद कुलराज को थाईलैंड की जेल में डाल दिया गया।
इसी तरह सुल्तानपुर लोधी के अजय सिंह को ऑस्ट्रेलिया की नौकरी का वादा कर ईरान पहुंचाया गया। परिवार के मुताबिक उसकी रिहाई के लिए करीब 70 लाख रुपये मांगे गए और किस्तों में भुगतान के बाद वह दिसंबर 2025 में घर लौटा।
फतेहगढ़ साहिब के हरबंस सिंह को दक्षिण कोरिया की नौकरी के नाम पर इथियोपिया ले जाया गया। परिवार ने 15 लाख रुपये देकर उसकी रिहाई कराई। हरबंस ने 26 दिनों की कथित कैद के दौरान मारपीट और कम खाना दिए जाने के आरोप लगाए।
फाजिल्का के रोहित कुमार को भी दक्षिण कोरिया भेजने का झांसा देकर इथियोपिया पहुंचाया गया। परिवार का दावा है कि करीब 30 लाख रुपये देने के बाद उसकी रिहाई हुई। रोहित के मुताबिक, वहां पंजाब, जम्मू और हरियाणा के कई युवाओं को एक साथ बंद रखा गया था।
परिवारों के अनुसार, कई मामलों में “खान बाबा” के नाम से फिरौती के लिए फोन आए। पुलिस इन कॉल रिकॉर्डिंग और एजेंटों की भूमिका की जांच कर रही है। कपूरथला SSP गौरव तूरा के मुताबिक, शिकायतों की अलग-अलग जांच चल रही है।
इस मामले में स्थानीय एजेंट संजीव कुमार का नाम भी सामने आया है। उसने यात्रा की व्यवस्था कराने की बात स्वीकार की, लेकिन पैसे लेने से इनकार किया है। उसने मलेशिया में रह रहे सुमृत कुमार पर आरोप लगाए हैं।
वहीं, फगवाड़ा का राम बालक अभी थाईलैंड में है। उसे दक्षिण कोरिया की नौकरी का झांसा देकर वहां ले जाया गया था और 29 जुलाई को थाई पुलिस की कार्रवाई के दौरान कथित अपहरणकर्ताओं के साथ गिरफ्तार किया गया। परिवार उसकी सुरक्षित वापसी की मांग कर रहा है।



















