शिमला । राजवीर दीक्षित
(Income Tax officer accused of bribery; CBI takes action over demand for ₹5 lakh) हिमाचल प्रदेश के शिमला से रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एक मामले को अनुकूल तरीके से निपटाने के बदले 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप इनकम टैक्स अधिकारी पर लगा है। आरोपी अधिकारी वरुण खारी शिमला के वार्ड नंबर-1 में तैनात बताए जा रहे हैं। आरोपों के बाद मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है।
मामले की शुरुआत लाभचंद की शिकायत से हुई, जो सोलन के अर्की क्षेत्र के मांगू गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने CBI, ACB और पुलिस अधीक्षक शिमला को शिकायत देकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। इसी शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई गई।
एक नोटिस, लाखों का जुर्माना और फिर शुरू हुई बातचीत…
7 अगस्त 2026 को शिकायतकर्ता को डाक से इनकम टैक्स विभाग का नोटिस मिला। इसमें असेसमेंट ईयर 2017 के लिए 8,97,160 रुपये, जबकि 2018 के लिए 6,010 रुपये के जुर्माने का जिक्र था। शिकायतकर्ता ने अपने कंसल्टेंट सुमित शर्मा के जरिए पोर्टल पर इस कार्रवाई को चुनौती दी। इसके बाद 8 सितंबर को शिमला में खारी के कार्यालय में शर्मा की शिकायतकर्ता से मुलाकात हुई और कथित तौर पर इसी मामले को लेकर बातचीत हुई।
पेनल्टी के बाद 5 लाख की रिश्वत का आरोप, अधिकारी पर गंभीर आरोप
मामला सिर्फ लाखों रुपये की देनदारी तक सीमित नहीं रहा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खारी ने पेनल्टी के अलावा 8,97,100 रुपये ब्याज की जानकारी दी, जिसके बाद कुल रकम 17,94,260 रुपये बताई गई। आरोप है कि इसके बाद केस को शिकायतकर्ता के पक्ष में निपटाने के लिए शर्मा के माध्यम से 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया और कथित मांग की शिकायत की।
CBI को मिली शिकायत के आधार पर जब अधिकारियों ने मामले की जांच की तो रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि से जुड़े तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि खारी ने मामले को अपने पक्ष में सुलझाने के लिए 3 लाख रुपये की पेमेंट की मांग की थी और कथित तौर पर इस रकम को स्वीकार करने पर भी राजी था।
इसके बाद CBI ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया। फिलहाल एजेंसी पूरे मामले की जांच में जुटी है और रिश्वत से जुड़े अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।



















